जम्मू। प्रदेश में कई जिलों लगातार डेंगू बढ़ता जा रहा है। जम्मू जिले में शनिवार को डेंगू मामलों का आंकड़ा 209 तक पहुंच गया, जबकि प्रदेश में अब तक कुल 313 मामले मिल चुके हैं। सरकारी आंकड़ों के अलावा भी बड़ी संख्या में लोग डेंगू से पीड़ित हैं। इनमें कई लोग उपचार के लिए दूसरे राज्यों का रुख कर रहे हैं। जम्मू शहर के ही रिहाड़ी, न्यू प्लॉट, सरवाल, जानीपुर, बन तालाब, बख्शीनगर आदि इलाकों से नियमित तौर पर डेंगू के मामले मिल रहे हैं। प्रमुख जच्चा-बच्चा अस्पताल एसएमजीएस में रोजाना 8 से 10 डेंगू से पीड़ित बाल रोगी भर्ती हो रहे हैं।
जम्मू के बाद जिला कठुआ सबसे अधिक प्रभावित है, यहां अब तक 44 डेंगू के मामले मिले चुके हैं। जिले में गोविंदसर इलाके से अधिक मामले मिल रहे हैं। सांबा जिले में अब तक 28 मामले सामने आए हैं। जम्मू संभाग के लगभग सभी जिलों में डेंगू पांव पसार चुका है। सरकारी अस्पतालों में डेंगू के मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। दैनिक आधार पर कोविड संक्रमण से अधिक डेंगू के मामले मिल रहे हैं। पिछले चौबीस घंटे में प्रदेश के कई हिस्सों में 34 डेंगू के मामले मिले, जिसमें अधिकांश जम्मू जिला से हैं।
हेल्पलाइन शुरू करने की तैयारी
डेंगू के महामारी के रूप में विस्तार होने से प्रशासनिक स्तर पर हेल्पलाइन शुरू करने की तैयारी की जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार नवंबर के अंत तक इसका असर रह सकता है। तापमान गिरने पर डेंगू से राहत मिलेगी।
डेंगू पीड़ित यह डाइट लें
अगर आप डेंगू से पीड़ित हैं तो घबराएं नहीं। डॉक्टर की सलाह पर बुखार और एंटीबायोटिक दवाओं के साथ खुलकर तरल पदार्थ लें। शरीर में किसी भी सूरत में तरल पदार्थ की कमी न होने दें। तरल पदार्थों में नारियल पानी, नींबू पानी, ओआरएस का घोल, दही के पानी आदि का सेवन कर सकते हैं। तरल पदार्थों से शरीर में प्लेटलेट्स की मात्रा सामान्य बनी रहती है। बुखार का असर 2 से 5 दिन तक रह सकता है।
अस्पतालों में वर्तमान में डेंगू के साथ वायरस बुखार के पीड़ित भी पहुंच रहे हैं। इनमें जरूरी नहीं है कि सभी को डेंगू हुआ है।
- डॉ. जेपी सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जम्मू
वायरल बुखार के मरीजों
से भी भरने लगे अस्पताल
वायरल बुखार में भी प्लेटलेट्स कम हो सकते हैं
जम्मू। डेंगू के साथ वायरल बुखार के मरीजों से अस्पताल भरने लगे हैं। वायरल बुखार 5-7 दिन तक रह रहा है। बच्चों से लेकर हर आयु वर्ग के लोग इससे पीड़ित है। बाल रोग विभाग के एचओडी डॉ. जीएस सैनी के अनुसार डेंगू से अधिक बच्चे पीड़ित हो रहे हैं, लेकिन गंभीर हालत वाले बच्चों को ही भर्ती किया जा रहा है, जबकि सामान्य मरीजों को घर पर इलाज दिया जा सकता है। इस बार बरसात के लंबा खिंचने के बाद डेंगू के साथ वायरल बुखार सेहत बिगाड़ रहा है।
वायरल बुखार के दौरान रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर पड़ने से कई बार प्लेटलेट्स की मात्रा कम हो जाती है, लेकिन निजी लेबोरेटरी में ऐसे टेस्ट में प्लेटलेट्स कम आने पर लोग डेंगू समझ लेते हैं, जबकि ऐसा नहीं होता है। इसके लिए डेंगू का अलग से टेस्ट किया जाता है। मानव शरीर में सामान्य तौर पर प्लेटलेट्स ढाई और पौने दो लाख के बीच होते हैं और इसकी मात्रा 40 हजार से नीचे नहीं होनी चाहिए। अगर ऐसा होता है तो शीघ्र चिकित्सालय में पीड़ित को ले जाएं।
लक्षण
1. हाइग्रेड बुखार 101-104 तक होना
2. शरीर में तेज दर्द की शिकायत होना
3. बुखार के साथ उल्टी होना