2018 में अंतिम बार बड़ी भी कश्मीरी पंडितों की राहत राशि। शादी लाल पंडिता ने कहा कि संसदीय स्थायी समिति (पीएससी) ने हमारी मांग को संसद में रखा है, जिसमें हमारी उम्मीदें बढ़ी हैं।
विस्थापन का दंश झेल रहे कश्मीरी पंडित समुदय के लोग राहत राशि में बढ़ोतरी की मांग कर रहे हैं। कश्मीरी पंडित राहत राशि को 13 हजार से 25 हजार रुपये प्रतिमाह तक बढ़ाने के लिए संघर्षरत हैं। जगती टेनमेंट और सोन कश्मीर फ्रंट बैनर तले समुदय के लोग 440 दिनों से प्रदर्शन भी कर रहे है।
विज्ञापन
फ्रंट के अध्यक्ष शादी लाल पंडिता ने कहा कि 440 दिनों से हम अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे हैं। शादी लाल पंडिता ने कहा कि संसदीय स्थायी समिति (पीएससी) ने हमारी मांग को संसद में रखा है, जिसमें हमारी उम्मीदें बढ़ी हैं। समिति के समक्ष हमने अपनी बात रखी थी और ज्ञापन भी सौंपा था।
कश्मीरी पंडितों की मासिक राहत राशि में अंतिम बार 2018 में बढ़ोतरी हुई थी। वर्तमान में प्रति परिवार को 13000 यानी की हर व्यक्ति को 3250 रुपये मिलते है। उन्होंने कहा कि प्रतिमाह 13 हजार रुपये राहत राशि में घर का खर्च और बच्चों की पढ़ाई नहीं हो सकती है।
32 सालों से विस्थापन का दंश झेल रहे है। हमारे पास कमाई का कोई साधन नहीं है। सरकार द्वारा जारी राहत राशि पर ही निर्भर है। उन्होंने कहा कि हमने समिति के सदस्यों के सामने सच्चाई रखी थी। हमें उम्मीद है सरकार अब इस मांग को पूरा करेगी और नए वर्ष से हमारी राहत राशि में बढ़ोतरी करेगी।