जम्मू। प्रदेश में दूरदराज और सीमावर्ती क्षेत्रों में भी सरकारी स्कूलों को मॉडल बनाया जाए। यह मांग अखिल भारतीय राष्ट्रीय शिक्षक महासंघ के सदस्यों ने वीरवार को जम्मू में प्रेसवार्ता के दौरान उठाई।
महासंघ के जिला मंत्री राहुल शर्मा ने कहा कि शिक्षा विभाग में कई पहल हुई हैं, जिससे शिक्षकों को लाभ मिला है, लेकिन अभी कई ऐसे मसले हैं जिनके तत्काल समाधान की जरूरत है। शिक्षा विभाग ने एनुअल ट्रांसफर ड्राइव जैसी पहल शुरू कर ट्रांसफर प्रक्रिया में पारदर्शिता लाई है, लेकिन अब लेक्चरर के बाद मास्टर और टीचर के लिए भी यह ड्राइव शुरू की जाए। कहा कि शिक्षकों की डीपीसी नहीं मिल रही, सरकार इसे समयबद्ध करे। सीमावर्ती क्षेत्र में तैनात शिक्षकों को मिलने वाले बॉर्डर अलाउंस को दो हजार रुपये बढ़ाया जाए। एलएसी की तर्ज पर आईबी पर बने स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षकों को भी अलाउंस मिले। केंद्र शासित प्रदेश बनने के दो वर्ष बाद भी शिक्षकों का वेतन अन्य यूटी के मुकाबले काफी कम है। शिक्षकों का अभी 300 रुपये मेडिकल अलाउंस है, जिसे 1000 हजार रुपये तक बढ़ाने की मांग की।
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कांट्रैक्चुअल लेक्चरर ने केंद्रीय मंत्री को सौंपा ज्ञापन
जम्मू। ऑल जेएडके कांट्रैक्चुअल लेक्चरर फोरम ने केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल को मांगपत्र सौंपा। फोरम के अध्यक्ष पंजक शर्मा ने समस्याएं बताईं। कहा कि 2003 में प्रदेश सरकार ने शैक्षणिक व्यवस्था के तहत सात हजार प्रतिमाह वेतन ने कांट्रैक्ट पर लेक्चरर को नियुक्त किया था। 2017 में सरकार ने एसआरओ 520 के तहत काफी कर्मचारियों नियमित किया, लेकिन लेक्चरर की अनदेखी की गई। ब्यूरो