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घाटी के दौरे पर पहुंचे यशवंत सिन्हा बोले, कश्मीर का दर्द समझने आए हैं

Wed, 26 Oct 2016 07:58 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
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यशवंत सिन्हा - फोटो : PTI
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पूर्व विदेश मंत्री यशवंत सिन्हा ने साफ किया है कि उनकी अध्यक्षता में घाटी आया दल कश्मीरियाें का दर्द समझने आया है। इस दौरे का नाता पूरी तरह से इंसानियत के साथ है। तीन दिवसीय दौरे के पहले दो दिनाें में जिस तरह का रिस्पांस मिला है उससे वे कह सकते हैं कि कश्मीरियाें के दर्द का वे भागीदार बनेंगे।
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उन्होंने कहा पहले हुर्रियत के दोनों धड़ों के साथ बातचीत हुई। बुधवार को कश्मीर चैंबर आफ कामर्स एंड इंडस्ट्री (केसीसीआई) के प्रतिनिधियों से मुलाकात में विस्तार से चर्चा हुई। रिस्पांस बता रहा है कि प्रतिनिधिमंडल सही रास्ते पर है। सिन्हा ने कहा केसीसीआई एक पुराना और जिम्मेदार संगठन है। कश्मीर से जुड़ी किसी भी तरह की बातचीत में यह संगठन पक्षकार है। 

'पिछली बातें भुलाई नहीं जा सकतीं, लेकिन, हमें आगे ही देखना होगा'

यशवंत सिन्हा - फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
सिन्हा से पूछा गया कि इससे पहले भी कई मर्तबा केंद्रीय वार्ताकार और प्रतिनिधिमंडल आए। बातचीत हुई लेकिन नतीजा सिफर रहा है। इस पर उन्होंने कहा कि पीछे जाना हो तो 2 हजार वर्ष पुराने हालात भी बयां किए जा सकते हैं। पिछली बातें भुलाई नहीं जा सकतीं, लेकिन, हमें आगे ही देखना होगा।

इससे पूर्व केसीसीआई के साथ सिन्हा के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल ने विभिन्न मुद्दों पर बातचीत की। केसीसीआई के अध्यक्ष मुश्ताक अहमद वानी ने कहा हमें डेलीगेशन ने बातचीत के लिए बुलाया था। उन्होंने डेलीगेशन के समक्ष नतीजे देने वाली बातचीत पर जोर दिया है। डेलीगेशन से कहा गया है कि वार्ता बिना किसी शर्त के होनी चाहिए। इसमें तमाम मुद्दे शामिल हों। 
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'हिंसा के दौरान आर्थिक नुकसान को लेकर कोई चर्चा नहीं'

हिंसा के आर्थिक नुकसान पर चर्चा नहीं - फोटो : PTI
उन्होंने कहा कि केसीसीआई ने डेलीगेशन के साथ बैठक में घाटी के तनाव के दौरान हुए आर्थिक नुकसान को लेकर कोई चर्चा नहीं की। हालांकि, डेलीगेशन ने आर्थिक नुकसान की मालुमात लेनी चाही लेकिन हमने केवल इंसानी जानों का जिक्र किया जो सबसे ज्यादा मायने रखती हैं।

वानी ने कहा उन्होंने साफ कर दिया है कि लोगाें में केंद्र के उस रवैये के प्रति बेहद गुस्सा है जो कश्मीर को लेकर गठित डेलीगेशन और वार्ताकार समूहों की रिपोर्ट को कचरे के डिब्बे में फेंकने का पक्षधर है।
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