रियासत में बाढ़ से हुई तबाही के बाद अभी हालात पटरी पर नहीं आ पाए हैं। इसके चलते सियासी दलों में विधानसभा चुनावों को लेकर वेट एंड वॉच की स्थिति बनी हुई है। बाढ़ के पहले चुनाव प्रचार में तेजी और उम्मीदवारों की सूचियां जारी करने में जुटी सियासी दलों की गतिविधियां लगभग मंद पड़ गई हैं।
प्रदेश कांग्रेस के उपप्रधान ठाकुर हरि सिंह का कहना है कि बाढ़ के बाद हालात पटरी पर नहीं आ पाए हैं। रियासत के हालात को ध्यान में रखते हुए ही चुनाव आयोग को चुनाव को लेकर फैसला करना है। जब भी चुनाव होंगे, पार्टी पूरी तरह तैयार है। फिलहाल, पार्टी का ध्यान बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद करने पर है।
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महासचिव बाली भगत ने भी इसी तरह की प्रतिक्रिया व्यक्त की है। जब भी चुनाव होंगे पार्टी इसके लिए तैयार है। फिलहाल, आयोग के निर्णय का इंतजार किया जा रहा है। पार्टी बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत कार्य में पूरा सहयोग दे रही है।
पीडीपी नेता एवं गांधीनगर विधानसभा क्षेत्र से उम्मीदवार अमरीक सिंह रीन का कहना है कि बाढ़ के बाद से हालात खराब हैं। कश्मीर में स्थिति अब भी सामान्य नहीं है। कई जगह जलभराव है। गंदगी और मलबे के ढेरों से बुरा हाल है। विधानसभा चुनाव पर फैसला चुनाव आयोग को लेना है। जब भी निर्णय आएगा, पार्टी इसके लिए तैयार है। फिलहाल बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद के लिए पार्टी ध्यान केंद्रित किए है।