फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जम्मू-कश्मीर पर बढ़ा कर्ज का बोझ : देनदारी 83 हजार करोड़ के पार

Sat, 20 Mar 2021 02:50 AM IST
दुष्यंत शर्मा बृजेश कुमार सिंह, जम्मू

सार

  • पिछली सरकारों के वित्तीय अनुशासन की कमी से लगातार बढ़ी देनदारी
  • लोकप्रिय सरकार न रहने के बाद उधार में आई कमी, कैग ने भी किया था आगाह
विज्ञापन
Government of Jammu and Kashmir - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

जम्मू-कश्मीर की देनदारियां 83 हजार करोड़ रुपये से अधिक हो गई हैं। वर्ष 2019-20 तक सरकार को 83573 करोड़ रुपये चुकाने थे। हालांकि, प्रदेश में चुनी हुई सरकार न रहने के बाद देनदारी बढ़ने की सालाना दर में कमी आई है। 2018-19 में सरकार ने 13487 करोड़ रुपये उधार लिए थे।

विज्ञापन


वर्ष 2019-20 में 11999 करोड़ रुपये की उधारी बढ़ गई। पीडीपी-भाजपा सरकार के गिरने के बाद 2018 में राज्यपाल शासन लागू हो गया था। इसके बाद उधार में कमी आई। बताते हैं कि पिछली सरकारों के वित्तीय अनुशासन की कमी की वजह से प्रदेश सरकार की लगातार देनदारी बढ़ रही है। कैग ने भी सरकार को बढ़ते कर्ज के बोझ के प्रति आगाह किया था।  

सरकारी दस्तावेजों के अनुसार 2018-19 में सरकार पर 79060 करोड़ रुपये की देनदारी थी। 2019-20 में 4513 करोड़ रुपये की वृद्धि के साथ देनदारी 83573 करोड़ रुपये हो गई। इनमें 34291 करोड़ मार्केट का उधार, केंद्र से 1237 करोड़ का लोन, 3370 करोड़ रुपये नेशनल स्माल सेविंग फंड के नाम जारी स्पेशल सिक्योरिटी, वित्तीय संस्थानों व बैंकों से 3574 करोड़ रुपये का उधार, आरबीआई से 692 करोड़ उधार शामिल हैं। पीएफ से 37162 करोड़, रिजर्व फंड से 9709 करोड़ रुपये शामिल हैं। पावर बॉन्ड से 3573 करोड़ का उधार है। 
विज्ञापन


अतिरिक्त अनुदान के रूप में 1200205.75 लाख की मंजूरी
वर्ष 2020-21 के बजट में 1200205.75 लाख के अतिरिक्त अनुदान मांगों को मंजूरी दी गई है। इसमें योजना व विकास विभाग-2935.29 लाख, बिजली विकास विभाग-990947.13, वित्त विभाग-29925, विधि-1598.10, राजस्व-1124.18, लोक निर्माण-50158.42, स्वास्थ्य-50323.76, समाज कल्याण-20523.98, जलशक्ति-50671.06, मत्स्य विभाग ने 1998.83 लाख रुपये का अतिरिक्त अनुदान मांगा है। 

लद्दाख को ढाई हजार करोड़ की वित्तीय देनदारी स्थानांतरित
वर्ष 2019 में जम्मू-कश्मीर से लद्दाख के अलग होने के बाद दोनों केंद्र शासित प्रदेश के बीच संपत्तियों के साथ ही देनदारी का भी बंटवारा हुआ था। लद्दाख के हिस्से में भी 2504.46 करोड़ रुपये की वित्तीय देनदारी स्थानांतरित की गई। यह फैसला केंद्र सरकार की ओर से गठित उच्च स्तरीय समिति ने कई बैठकों के बाद लिया था।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें