नशा मुक्ति केंद्र में नशा छुड़ाने के नाम पर एक पीड़ित से 60 हजार रुपये वसूले जाते हैं। सुविधाओं के साथ-साथ राशि बढ़ती जाती है। न्यूनतम राशि वालों को फर्श पर लिटाया जाता है। नशे से दूर रखने के लिए पीड़ित को एक-एक महीने तक कमरे में बंद रखा जाता है। एक पीड़ित ने बताया कि उन्हें नशा छुड़ाने के नाम पर जमकर पीटा गया। नशे से जिंदगी नर्क हो चुकी थी। लेकिन नशा मुक्ति केंद्र में और भी बदतर स्थिति है।
जिले में कोई भी नशा मुक्ति केंद्र स्वास्थ्य विभाग के पास न तो पंजीकृत है और न ही इनकी कोई जानकारी उपलब्ध है। - डॉ. अशोक चौधरी, सीएमओ, कठुआ