धर्मगुरु दलाईलामा ने भारत को सांप्रदायिक सौहार्र्द की सबसे बड़ी मिसाल बताते हुए कहा कि मुस्लिम आतंकवाद जैसी कोई चीज नहीं है। वह लेह के ईदगाह में आल मुस्लिम कोआर्डिनेशन कमेटी की ओर से आयोजित समारोह में बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि यदि कोई मुस्लिम आतंकी गतिविधियों में लिप्त रहता है तो वह इस्लाम का सच्चा समर्थक नहीं है। इससे पूरे मुस्लिम समुदाय को आतंकवादी नहीं कहा जा सकता है। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य पूरे विश्व में शांति की स्थापना करना है।
सभी मानव प्रेम, सद्भाव तथा शांति के साथ रहें। हमारा मूल उद्देश्य आपसी भाईचारे के साथ रहना है। कहा कि लद्दाखी लोग सांप्रदायिक सौहार्र्द की प्रतिमूर्ति हैं। इस दौरान रियासत के सहकारिता मंत्री चेरिंग दोरजे, डा. सोनम दावा, विधायक नवांग रिंगजिन जोरा, डेल्डन नामग्याल, अशरफ अली आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।