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जम्मू पहूंचे शांति दूत दलाई लामा, विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में करेंगे शिरकत

Sat, 17 Mar 2018 11:32 PM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,जम्मू
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जम्मू पहुंचे दलाई लामा - फोटो : AMAR UJALA
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तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा ने कहा कि प्रसन्नता, आनंद और मन की शांति सबसे ऊपर है। जम्मू-कश्मीर के लोगों के साथ ऐतिहासिक और नजदीकी रिश्तों का जिक्र करते हुए रियासत के हालात को दीगर बताया। उन्होंने आग्रह किया कि हालात कितने भी मुश्किल हों, दिमागी शांति बनाए रखें। 

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वह शनिवार को जम्मू पहुंचे थे, जहां नरवाल स्थित एक होटल में प्रवेश करते हुए वह चंद पलों के लिए मीडिया कर्मियों से रूबरू हुए। दलाई लामा ने सभी इंसानों को मानसिक, भौतिक और भावनात्मक रूप से समान बताते हुए कहा कि क्रोध विनाश को जन्म देता है।

हमें बुद्धिमता के प्रभावी इस्तेमाल से रोकता है। इससे कठिन परिस्थितियों का हल ढूंढने में मुश्किल होती है। इस पर पर काबू पाना बेहद आवश्यक है, वरना अनावश्यक संघर्ष पैदा होगा। बार-बार मस्तिष्क की शांति पर जोर देते हुए उन्होंने खास तौर पर युवाओं से आग्रह किया कि धैर्य न खोएं।
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इससे पहले, सीएम के सलाहकार प्रो. अमिताभ मट्टू संग सहकारिता और लद्दाख मामलों के मंत्री चेरिंग दोरजे ने दलाई लामा का स्वागत किया। श्रद्धालुओं ने भी पैर छूकर उनका आशीर्वाद लिया। उन्हें माला और अंगवस्त्र पहनाया।

दलाई लामा रविवार को सेंट्रल यूनिवर्सिटी आफ जम्मू (सीयूजे) के दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करेंगे। समारोह जम्मू विश्वविद्यालय के जोरावर सिंह आडिटोरियम में होगा। इस दौरान सेंट्रल यूनिवर्सिटी आफ जम्मू के वीसी प्रो. अशोक एमा, डिवकाम जम्मू हेमंत कुमार शर्मा, डीसी जम्मू, कुमार राजीव रंजन आदि मौजूद रहे। 

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दीक्षांत में दलाई लामा होंगे मुख्य अतिथि

सेंट्रल यूनिवर्सिटी आफ जम्मू (सीयूजे) का पहला दीक्षांत समारोह रविवार को जम्मू यूनिवर्सिटी के जोरावर सिंह आडिटोरियम में होगा। तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा इसके मुख्य अतिथि होंगे। केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह और पूर्व चीफ आफ आर्मी स्टाफ एनसी विज भी समारोह में शिरकत करेंगे।

विश्वविद्यालय उन्हें पीएचडी की मानद उपाधि प्रदान करेगा। कार्यक्रम में 2017 तक के शैक्षिक कार्यक्रम वाले छात्रों को पीएचडी, पीजी डिग्री, गोल्ड मेडल और मेरिट सर्टिफिकेट प्रदान किए जाएंगे। विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार रवि कुमार के मुताबिक केंद्रीय मंत्री को पब्लिक पालिसी एवं पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन पर डिग्री दी जाएगी, जबकि पूर्व चीफ आफ आर्मी स्टाफ को कुलाधिपति और राज्यपाल एनएन वोहरा नेशनल सिक्योरिटी स्टडीज में डिग्री प्रदान करेंगे।


विश्वविद्यालय की स्थापना सात साल पहले 2011 में आठ अगस्त को हुई थी। पहला एकेडमिक सेशन (2011-12) तीन पीजी कोर्स इंगलिश, इकोनामिक्स और अप्लाइड मैथमेटिक्स में शुरू हुआ था। अगले सत्र में इसमें पांच कोर्स जोड़े गए। तीसरे सेशन से सभी डिपार्टमेंट फंक्शनल हैं। यूनिवर्सिटी आठ विषयों में इंटिग्रेटेड एमफिल-पीएचडी प्रोग्राम भी करा रहा है।
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