फोरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (एफएसएल) ने श्रीनगर में क्राइम से जुड़े मामलों की जांच के लिए डीएनए लैब का निर्माण शुरू कर दिया है। साइबर क्राइम के बढ़ते मामलों के मद्देनजर कंप्यूटर फोरेंसिक लैब का भी निर्माण भी किया जा रहा है।
पिछले दो साल के आंकड़े इस बात की तसदीक करते हैं कि साइबर क्राइम में इजाफा हुआ है। रियासत में भी साइबर क्राइम पर रोक लगाने के लिए कंप्यूटर फोरेंसिक लैब की जरूरत है। पहले डीएनए और साइबर क्राइम से जुड़े मुद्दों को सीएफएसएल, सीबीआई नई दिल्ली और सीएफएसएल चंडीगढ़ भेजा जाता था।
अब उनकी परख श्रीनगर में बन रहे लैबोरेटरी में की जा सकेगी। इसका आने वाले दिनों में व्यापक परिणाम देखने को मिलेंगे। 2015 में साइबर क्राइम से जुड़े महज 7 मामले फोरेंसिक साइंस लैबोरेटरी के पास पहुंचे थे, तो 2016 में यह 13 हो गया। यानी दोगुने के करीब।