रामगढ़ । अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बाबा चमलियाल की दरगाह पर सातवां सूफी कार्यक्रम का आयोजन वीरवार (आज) किया जाएगा। बाबा के भक्तों ने कहा कि हर साल यह कार्यक्रमका आयोजन किया जाता है, जिसमें सूफियाना गीत गाकर लोगों का मन भरा जाता हैं।
सूफियाना गायकों में शाम चौहल, सूरज चिब, मदन जलंदरीय, जाश जी और पायल डोगरा शामिल हैं, जिसमें दूसरे राज्यों के गायक भी आएंगे। बाबा चमलियाल क्लब यूनियन के युवा सुखदेव सिंह (सुखा) सोडी, सोनू, गारा राम, अंग्रेज पाल, बिल्लू चौधरी, शामा चौधरी, सन्नी चौधरी ने कहा कि रोजाना बाबा की दरगाह पर हजारों भक्त माथा टेकने और आशीर्वाद लेने आते हैं। अंतरराष्ट्रीय सीमा पर 23 जून को मेला सजेगा। इसकी तैयारी अंतिम चरण में है।
जिला प्रशासन की तरफ से भी मेले के मद्देनजर दरगाह की साफ-सफाई एवं रंग-रोगन के लिए सेवादारों को हर सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। सेवादारों को प्रशासन ने सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने के आदेश दिए हैं, लेकिन बाबा की रहमत के आगे सेवादारों को सरहद के तनाव की कोई परवाह नहीं है। --------------
इलाज के बहाने बुलाकर मारा गया बाबा को
दग छनी गांव के बुजुर्गों के अनुसार बाबा को धोखे से मारा गया था। वह शुरू से धार्मिक विचार के थे। चर्म रोग का जड़ से उपचार करने के कारण वह जल्द ही दूर तक प्रसिद्ध हो गए। बताया जाता है कि धीरे-धीरे बाबा काफी मशहूर हो गए। दूसरी तरफ अन्य नीम हकीमों का धंधा चौपट होने लगा। एक दिन बाबा को चमलियाल गांव से मात्र 500 मीटर की दूरी पर स्थित पाकिस्तान में गांव सौदोयाली में (अब पाक में) कुछ शरारती तत्वों ने इलाज के बहाने बुलाया। बाबा घोड़े पर सवार होकर सौदोयाली गांव चल पडे़। जैसे ही बाबा जी का घोड़ा सौदोयाली गांव पहुंचा तो घात लगाकर बैठे कुछ लोगों ने उन पर हमला कर सिर काट दिया। बाबा का घोड़ा काफी समझदार था। बुजुर्गों के अनुसार वह बिना सिर के ही बाबा को वहां से ले आया। उस वक्त गांव की एक औरत पास के कुएं पर थी। उसने देखा कि बाबा धरती में समा गए। बाबा को धरती में समाते देख कर घोड़ा भी धरती में समा गया।
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रेंजर ने नहीं की कोई बातचीत
सीमावर्ती गांव दग छनी फतवाल के लोगों का कहना है कि हम चाहते हैं कि पाकिस्तान जैसे पहले शक्कर और शरबत बाबा जी की दरगाह से लेता आया है, आगे भी ऐसे चलता रहे। हमें बहुत दु:ख से कहना पड़ता है कि दो साल प्रशासन की तरफ से मेला नहीं हुआ, लेकिन बाबा के 20 हजार भक्त उस समय बाबा की दरगाह पर माथा टेकने आए थे। आज तक पाकिस्तान रेंजर ने सीमा सुरक्षा बल से कोई बातचीत नहीं की है। मेले को आठ दिन बाकी हैं, वहीं लोगों ने कहां कि पाकिस्तान में मेला कल से शुरू हो जाएगा। हमें कोई फर्क नहीं पड़ता कि रेंजर बातचीत करें या न करें।