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बीरपुर में बनकर तैयार है बाबू परमानंद का स्टेच्यू

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बाड़ी ब्राह्मणा। पंचायत बीरपुर में मूर्तिकार रविंदर जमवाल ने कई मूर्तियां बनाकर तैयार की हैं। मूर्तिकला को लेकर उनका नाम लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में भी दर्ज है। वह मूर्तिकला में इतने निपुण हैं कि वर्तमान में चल रहे हालातों पर भी अपनी कला के जरिये समाज को दिशा निर्देश देते हैं।
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कोरोना को लेकर उन्होंने कई ऐसी कला प्रस्तुत की, जिनकी काफी सराहना की गई। उसके अलावा हाल ही में अफगानिस्तान में बने हालात को लेकर उन्होंने एक कला प्रस्तुत की है, जिसमें दर्शाया है कि किस कदर लोग बरबादी के मुहाने पर खड़े हैं। उसके अलावा कई ऐसी मूर्तियां वह बना चुके हैं जो जम्मू-कश्मीर के कई हिस्सों में स्थापित हो चुकी हैं। उनसे बात से पता चला कि जेडीए द्वारा उनको भूतपूर्व गवर्नर और जम्मू-कश्मीर विधानसभा के स्पीकर रह चुके बाबू परमानंद का स्टेच्यू बनाने के लिए कहा गया। वह स्टेच्यू 2017 में बनकर तैयार हो गया, लेकिन उसको अभी तक कहीं नहीं लगवाया गया है। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा जो भी मूर्ति बनाने के कहा जाता है, तय समय पर तैयार मांगते हैं, अगर एक दिन भी देरी हो जाती है तो वह जुर्माना डालना शुरू कर देते हैं, लेकिन बाबू परमानंद का स्टेच्यू बने 4 साल हो गए, जेडीए की तरफ से कोई गंभीरता नहीं की जा रही है, जिससे उस मूर्ति को स्थापित किया जा सके।
उन्होंने बताया कि इस स्टेच्यू को एक बार जम्मू के रूप नगर में लगवाने की कोशिश की गई, लेकिन लोगों ने उसका विरोध कर दिया। बढ़ते हुए दबाव को देखते हुए मूर्ति स्थापित नहीं की जा सकी। लोगों का कहना था कि जिस क्षेत्र से बाबू परमानंद रहते हैं वहीं पर उनका स्टेच्यू लगवाना चाहिए। उसके बाद जेडीए ने स्टेच्यू की सुध नहीं ली। उन्होंने बताया कि इतनी बड़ी हस्ती की मूर्ति बनकर तैयार है, जिसको अभी तक स्थापित कर देना चाहिए था। स्थानीय लोगों का कहना है कि बाबू परमानंद की मूर्ति को सरोर क्षेत्र में लगाना चाहिए क्योंकि वही उनका जन्म स्थान है।
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