फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कलयुग का आगमन हो रहा

विज्ञापन
विज्ञापन
अरनिया। आदर्श गांव स्थित दाता रणपत देव स्थान पर चल रही श्रीमद्भागवत कथा में कथा वाचक जोगिंदर शास्त्री ने भक्तों को पांडव भ्रमण का वृत्तांत बताते हुए कहा कि धर्मराज महाराज युधिष्ठिर ने अपने भाई भीमसेन से पूछा कि आज भ्रमण के दौरान आपने क्या देखा। भीमसेन ने कहा कि आज मैंने एक बहुत ही अजीबो गरीब दृश्य देखा। मगर मैं उसे समझ नहीं पा रहा हूं। मैंने देखा एक ही स्थान पर पांच मटके रखे हैं। एक बड़ा व अन्य चार छोटे हैं। सबसे बड़ा वाला मटका उन चारों मटकों में पानी भर रहा है। इसका अर्थ समझाइए।
विज्ञापन

युधिष्ठिर ने कहा कि इसका मतलब कलयुग का आगमन हो रहा है। सबसे बड़ा मटका एक पिता है। अन्य चारों छोटे मटके इनके बेटे हैं। जिनका वो पेट भर रहा है। क्योंकि कलयुग में पुत्र भले ही अपने माता-पिता को त्याग दे। मगर एक पिता कभी भी न तो अपने बेटों को छोड़ सकता है और न उनको भूखा देख सकता है।
शास्त्री जी ने कहा कि इस कलयुग में ऐसा ही हो रहा है। खुद भूखे रह कर पुत्रों को पालपोस कर बड़ा करने वाले माता-पिता को आज के युग में बेटे नहीं पूछ रहे हैं। इस दौरान कोविड-19 की एसओपी का ध्यान भी रखा गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें