अखनूर। सोमवती अमावस्या पर हजारों लोगों ने चंद्रा भागा दरिया में स्नान करके मंदिरों में पूजा अर्चना की। इस दौरान कई स्थानों पर भंडारा लगाया गया।
इस मौके पर पूली वाले श्री राम आश्रम मंदिर में महंत मौनी बाबा की उपस्थित में पंडितों ने पूजा अर्चना के साथ हवन यज्ञ किया।
मंदिर कमेटी के अध्यक्ष शिव सराफ ने बताया कि यह सनातन धर्म में बड़ा दिन माना जाता है। इस दिन हरिद्वार में लोग विशेष तौर पर गंगा में स्नान करने जाते हैं, जबकि चंद्रा भागा नदी अखनूर में हजारों लोग डुबकी लगाते हैं। उन्होंने बताया कि मंदिर के सेवकों द्वारा भंडारा लगाया जाता है। इस मौके पर अशोक महाजन, शिव महाजन, शाम सिंह व अन्य भक्त मौजूद रहे।
काई देव स्थान पर लगाया भंडारा
अखनूर। गांव प्यान काई देव स्थान में सोमवार को भंडारा लगाया गया। देव स्थान पर बड़ी संख्या में काफी लोगों ने माथा टेका और आशीर्वाद लिया। हर साल इस पवित्र स्थल पर लोग आते हैं। सभी मिल कर देव स्थान पर भंडारा लगाते हैं। इस देव स्थान को दरिया का देवता मान कर पूजा जाता है। संवाद
सोमवती अमावस्या पर धार्मिक स्थलों पर बनी रही भीड़
सांबा। जिले भर के धार्मिक स्थलों पर सोमवार को सोमवती अमावस्या पर श्रद्धालुओं की भीड़ बनी रही। श्रद्धालुओं ने सरोवरों में स्नान कर मंदिरों में पूजा अर्चना की।
जिले के मदून के तरेली धार्मिक स्थल पर सुबह से ही श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया। लोगों ने पितरों को शांत करने के लिए बबर नदी में पिंडदान भी किया। बाद में गंगा माई के मंदिर में पूजा अर्चना की। जिले के द्वारिकापुरी, नोनाथ आश्रम, उत्तरवहनी, पुुरमंडल आदि धार्मिक स्थलों पर भी भीड़ रही। रविवार शाम ही लोग हरिद्वार के लिए निकल चुके थे। जिन्होंने सोमवार सुबह गंगा में डुबकी लगाई। कुल मिला कर जिले भर के धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की रौनक बनी रही।
श्रद्धालुओं ने गुप्त गंगा, उत्तरवहनी में स्नान किया
विजयपुर। सोमावती अमावस्या पर लोगों ने सोमवार सुबह स्नान कर पूजा अर्चना की और पितरों को याद कर पिंड दान किया। सोमवार को अमावस्या के दिन श्रद्धालुओं ने गुप्त गंगा, उत्तरवहनी में स्नान किया। उसके बाद पूजा अर्चना की। इस दौरान लोगों ने पूजा पाठ करने के बाद क्षेत्र के गरीबों में फल, कपड़े आदि दान किया। क्षेत्र की रीना कुमारी, राधा रानी, सीमा देवी, किरण बाला, सपना आदि ने बताया कि अमावस्या के दिन पूजा पाठ और गरीबों को दान देने से घर परिवार में सुख शांति बनी रहती है। संवाद
परगवाल में आस्था के साथ मनाई गई सोमवती अमावस्या
परगवाल। सोमवती अमावस्या परगवाल में भी धूमधाम से मनाई गई। सुबह से ही लोगों ने दरिया चिनाब पहुंचकर आस्था की डुबकी लगाई और मंदिरों में पूजा पाठ किया। गांव गवाढ के शिव मंदिर में लोगों ने माथा टेका और विधि विधान से पीपल के वृक्ष की पूजा की। इसके बाद भंडारा लगाया गया। पंडित शुभम शर्मा ने कहा कि हिंदू धर्म शास्त्रों में सोमवती अमावस्या को बेहद खास माना गया है। इस दिन पीपल की पूजा का विधान है। साथ ही उसमें जल चढ़ाया जाता है। पेड़ में रक्षा सूत्र बांधकर परिक्रमा की जाती है। मान्यता है कि ऐसा करने से सुख-समृद्धि बढ़ती है। संवाद
छोटी काशी में उमड़े श्रद्धालु
बाड़ी ब्राह्मणा। छोटी काशी से मशहूर पुरमंडल में सोमवार को सोमवती अमावस्या पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़े। जम्मू और आसपास के इलाकों से बसों और निजी वाहनों से लोग भगवान शिव के दर्शन करने के लिए पहुंचे और पवित्र देविका नदी में स्नान कर सुख समृद्धि की कामना की।
सुबह 4.00 बजे ही मां गंगा की तर्ज पर देविका नदी में आरती की गई। पुरमंडल उत्तरवाहिनी स्थित सेवा न्यास की तरफ से गड्ढा खोदकर पूरी औपचारिकताएं करने के बाद आरती की गई। भगवान शिव के दर्शन करने के लिए इस बार भीड़ इतनी जुटी थी कि दर्शन करने वालों की लाइन बाहर तक आ गई। भीड़ को देख पुलिस व प्रशासन ने पुख्ता बंदोबस्त किए। यातायात विभाग के कर्मचारियों को भी व्यवस्था सुचारु रखने के लिए पूरी तैयारी रखी। सोमवती अमावस्या पर पुरमंडल में लगभग 30 हजार लोगों ने हाजिरी लगाई।
सरपंच जोगिंदर शर्मा ने बताया कि सरकार को पुरमंडल तीर्थ स्थान को तवज्जो देनी चाहिए। इसे अन्य बड़े तीर्थ स्थानों की तर्ज पर विकसित करना चाहिए। क्योंकि दिन प्रतिदिन लोग यहां अपनी आस्था जाहिर करते हैं। लोगों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए प्रशासन को भी उसी के हिसाब से इस तीर्थ स्थान को विकसित करना होगा।