रेलवे स्टेशन के पास खाली प्लाट में मृत मिले एमएएम कालेज के छात्र की मौत मामले की जांच तेज कर दी गई है। सूत्र बताते हैं कि मृत युवक को राज्य पुलिस के एडीजीपी एसएम सहाय से काफी मदद मिलती थी। वह युवक के पिता की मौत के बाद उसे बेटे जैसा रखते थे। उसके पिता के साथ सहाय की दोस्ती थी। 4 अप्रैल को पुलिस को पुंछ के रहने वाले इशरत कुरैशी का शव खाली प्लाट में मिला था। इशरत के पिता मुश्ताक पुलिस में एएसआई थे। दस साल पहले एक आतंकी हमले में उनकी मौत हो गई।
सूत्रों का यह भी कहना है कि पद में बड़ा अंतर होने के बाद भी मुश्ताक की एडीजीपी एसएम सहाय के साथ गहरी दोस्ती थी। यही कारण है कि सहाय इशरत की काफी मदद करते थे। यह भी सामने आ रहा है कि सहाय ने पुलिस को इस मामले की तह तक जाने के लिए कहा है। यदि इशरत की मौत ड्रग ओवरडोज से हुई तो ड्रग उसने अकेले ली? किसके साथ ली? कहीं जबरदस्ती ओवरडोज तो नहीं दी गई? इन तमाम सवालों का जवाब ढूंढने के लिए पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई है।
पुलिस ने इशरत के मोबाइल नंबर की काल डिटेल भी निकाली है, ताकि पता लगाया जा सके कि मरने से पहले उसकी कहां-कहां, कब और किससे बातचीत हुई। पुलिस ने एफएसएल की मदद से भी इस मामले की जांच को जोड़ा है। इशरत के साथ रहने वालों से पूछताछ की जा रही है। सूत्र बताते हैं इशरत के दो दोस्तों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है।