रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हुए एडवोकेट रमण वजीर की गुमशुदगी की सूचना को हाईकोर्ट ने याचिका के तौर पर स्वीकार किया है। इस मामले में पुलिस के आला अफसरों से बातचीत करने के साथ ही अदालत ने मामले को पीठ के समक्ष 2 अगस्त को लिस्ट करने का आदेश जारी कर दिया।
जम्मू कश्मीर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने मामले को चीफ जस्टिस एन पाल वसंथा कुमार के संज्ञान में लाया। चीफ जस्टिस ने एसोसिएशन की सूचना को याचिका के तौर पर स्वीकार करने का निर्देश जारी कर दिया। वहीं प्रथम कनिष्ठ न्यायाधीश जस्टिस रामालिंगम सुधाकर ने मामले को लेकर पुलिस महानिदेशक से बात की।
हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष ने भी आईजी जम्मू के समक्षक एडवोकेट रमण वजीर की गुमशुदगी का मामला उठाया। आईजी जम्मू ने भरोसा दिलाया कि गुमशुदा एडवोकेट को ढूंढने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।
इस बीच जम्मू कश्मीर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने सोमवार को तमाम अदालतों में कामकाज ठप रखकर 2 अगस्त 2016 को भी विरोध स्वरूप कामकाज ठप रखने का फैसला किया। एसोसिएशन ने अध्यक्ष अभिनव शर्मा की अध्यक्षता में बैठक कर मामले पर विस्तार से चर्चा करने के बाद यह निर्णय लिया।