लश्कर के चार फिदायीन दक्षिणी कश्मीर में मौजूद हैं, जो किसी बड़े आतंकी वारदात को अंजाम देने की फिराक में हैं। इनका निशाना सेना तथा अन्य सुरक्षा बलों का ठिकाना, अमरनाथ यात्रियों का जत्था और हाईवे पर सुरक्षा बलों की कानवाय हो सकता है। खुफिया एजेंसियों के इनपुट के बाद सुरक्षा बलों के ठिकानों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
खुफिया सूत्रों के अनुसार जून के महीने में एलओसी से 30-40 आतंकी घुसपैठ करने में सफल रहे हैं। इनमें से चार फिदायीन हैं जिन्होंने एलओसी से घुसपैठ की है। इनके बारे में सूचना है कि ये दक्षिणी कश्मीर के अनंतनाग, पुलवामा, शोपियां, कुलगाम, त्राल इलाकों में सक्रिय हैं।
बुरहान के मुठभेड़ में मारे जाने के बाद से आतंकी हमलों का खतरा बढ़ा है। हालांकि, कहा जा रहा है कि अभी सुरक्षा बलों की भारी तैनाती की वजह से ये अपनी गतिविधियों को अंजाम नहीं दे पा रहे हैं। ये अपनी मौजूदगी दिखाने के लिए मौके की तलाश में हैं।
सुरक्षा बलों की भारी उपस्थिति के बावजूद वे हमले करने की फिराक में हैं ताकि बुरहान की मौत का बदला जैसे संदेश दिया जा सकें। सूत्रों का कहना है कि एलओसी से घुसपैठ के दौरान सतर्क जवानों की वजह से कई मुठभेड़ में मार गिराए गए हैं और कई बार घुसपैठ के प्रयास को विफल भी किया गया है।