जागरूकता अभियान के बावजूद महिलाओं से मारपीट और उन्हें घर से निकालने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। दहेज के लिए अब भी महिलाओं को प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्हें जान से मारने तक की कोशिशें भी हो रही हैं।
महिला पुलिस सेल के आंकड़े पर गौर करें, तो पता चलता है कि जिस दहेज उत्पीड़न को खत्म करने के लिए तमाम तरह के प्रयास किए जा रहे हैं, उनका अभी पूरी तरह से समाज पर असर नहीं हुआ है। सालभर में दहेज उत्पीड़न के मामलों का दुगना होना इस बात का संकेत है कि स्थिति अभी पूरी तरह बदली नहीं है।
जानकारी के अनुसार वर्ष 2013 में जम्मू महिला पुलिस सेल में दहेज उत्पीड़न के 53 मामले सामने आए। वहीं इस वर्ष अब तक 113 मामले सामने आ चुके हैं। इनमें से अधिकतर मामले ऐसे हैं, जिनमें नवविवाहिताएं शामिल हैं।