टिहरी जिले के गुमाल गांव में तिहरे हत्याकांड को अंजाम देने वाले आरोपी ने पुलिस प्रशासन और ग्रामीणों को खूब छकाया। आरोपी 16 घंटे तक हाथों में लोडेड बंदूक और तलवार के साथ कमरे के अंदर खुद को कैद किए रहा। आखिरकार कमरे में आंसू गैस छोड़ने के बाद ही पुलिस उसे गिरफ्तार कर पाई।
उत्तराखंड के टिहरी जिले में स्थित गजा उपतहसील के गुमाल गांव में सिरफिरे युवक संजय सिंह पंवार ने शनिवार को अपनी मां मीना देवी, भाई सुरेंद्र सिंह और भाभी कांता देवी को तलवार को काटकर मौत के घाट उतार दिया था।
हत्याकांड को अंजाम देने के बाद आरोपी खुद ही दोपहर करीब 12 बजे अपने घर के एक कमरे में कैद हो गया था। कमरे में उसके पिता की लाइसेंसी लोडेड बंदूक रखी हुई थी।
बंदूक की नाल को वह बार-बार खिड़की से बाहर निकाल रहा था, जिससे पुलिस प्रशासन उसे गिरफ्तार करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था।
आंसू गैस छोड़े तब खिड़की से सौंपे हथियार
उसे गिरफ्तार करने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल रातभर मौके पर डटा रहा। रविवार सुबह साढे़ तीन बजे पुलिस ने रोशन दान से कमरे में आंसू गैस छोड़ी।
आंसू गैस कमरे पहुंचने के बाद हत्यारोपी ने खिड़की से बंदूक और तलवार पुलिस को बाहर थमा दी और खुद ही अंदर से कमरे की चिटकनी खोल दी। इसके बाद भी पुलिस अंदर जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रही थी।
इसी बीच पुलिस ने बाहर से दरवाजा बंद कर दिया जिस पर वह चिल्लाने लगा। तब दरवाजा खोलकर पुलिस कर्मियों ने कमरे में प्रवेश कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के बाद भी हत्याकांड के बारे में जानकारी देने के बजाय वह इधर-उधर की बातें करने लगा। कभी कहता रहा कि उस पर देवता आ गया था और कभी कहता रहा जो किया वह अच्छा किया है।
चेहरे पर शिकन तक नहीं
सनक के आगे मां की ममता, भाई का प्यार और भाभी का दुलार भी फीका पड़ गया। खून के रिश्तों को अपने हाथों से ही समाप्त कर देने बाद भी गुमाल गांव के संजय के चेहरे पर शिकन तक नहीं है।
भले ही इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे गुमाल गांव में अजीब सी खामोशी छा गई है, लेकिन संजय तिहरे हत्याकांड का राज खोलने को तैयार नहीं है। गिरफ्तारी के बाद जब राजस्व पुलिस उसे मेडिकल के लिए जिला चिकित्सालय बौराड़ी लाई तो पत्रकारों ने कई सवाल पूछे। लेकिन वह उल्टा जवाब ही देता रहा।
उसके शब्दों में ‘मुझे शिमला में सीआईडी बताया गया। वहां मैं होटल में मिठाई बनाता था। दूरदर्शन ने मेरी आवाज को आगे नहीं पहुंचाया। मैने जो करना था कर दिया, अब जो होगा देख लूंगा। जो लोग मेरे से नफरत करते हैं, उन्हें मैं छोड़ूंगा नहीं। मां, भाई और भाभी से मुझे कोई दिक्कत नहीं थी।