200 हत्याओं में शामिल हिजबुल मुजाहिदीन के डिविजनल कमांडर फारूक अहमद फरीद को भद्रवाह के प्रिंसिपल सेशन जज ने उम्र कैद की सजा सुनाई है। फारूक भद्रवाह की बस्ती तहसील का रहने वाला है।
वर्ष 2000 में पुलिस को सूत्रों से जानकारी मिली थी कि फारूक हथियारों के साथ एजाज अहमद और अरशद अहमद के घर घुसा और दोनों को गोलियां से भून दिया।
इसमें एजाज की मौत हो गई और अरशद को अस्पताल पहुंचाया गया। मृतक एजाज भी सरेंडर किया हुआ आतंकी था। आतंकी फिर से एजाज को अपने साथ शामिल करना चाहते थे। जब उसने मना कर दिया तो उसको गोलियां से भून दिया।
जज संजीव गुप्ता ने दोनों तरफ की दलीलें सुनने के बाद कहा कि आरोपी का जुर्म माफ करने से समाज में गलत संदेश जाएगा। इसलिए अदालत आरोपी को 302 के तहत उम्र कैद की सजा सुनाती है। 50 हजार रुपये का जुर्माना भी किया गया।