बाड़ी ब्राह्मणा। आर्म्ड पुलिस के कांस्टेबल का अपहरण कर उसके घर वालों से तीन लाख की फिरौती मांगी। जब पैसे नहीं मिले तो कांस्टेबल को अधमरा कर फेंक दिया। घायल के शरीर पर तेजधार हथियार से प्रहार के गहरे घाव भी हैं, जिसका जीएमसी जम्मू में इलाज चल रहा है। बरोड़ी इलाके की वारदात में पुलिस ने पांच में से हमलावरों की पहचान कर ली है, लेकिन अभी तक एक भी नहीं पकड़ा गया है। इसे पूरे प्रकरण के पीछे चिट्टे के लेन देन और मारपीट की पृष्ठभूमि भी सामने आ रही है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार बरोड़ी निवासी इरशाद मोहम्मद कश्मीर घाटी में आतंकी हमले में घायल होने के बाद घर भेजा गया था। तब से वह घर पर रह रहा था। शनिवार को पांच लोगों ने उसका बरोड़ी से अपहरण कर लिया और उसे बांधकर बिश्नाह की ओर ले गए। इरशाद के साथ बेरहमी से मारपीट की गई और उसके घर वालों को फोन कर तीन लाख रुपये की फिरौती मांगी। जब घर वालों ने पैसे न होने की बात कही तो अपहर्ता इरशाद को अधमरा कर बाड़ी ब्राह्मणा के कालागेट औद्योगिक क्षेत्र में फेंक गए। इरशाद पर तेजधार हथियार से कई वार किए गए हैं। लहूलुहान अवस्था में इरशाद को जीएमसी पहुंचाया गया, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। वहीं, इरशाद के भाई रशीद मोहम्मद ने पुलिस को दो नाम बताए हैं। थाना प्रभारी बाड़ी ब्राह्मणा राकेश शर्मा का कहना है कि आरोपियों को तलाश की जा रही है। जिन आरोपियों की पहचान हुई है, वे अपने घर से फरार हैं। हमलावर और घायल आपस में एक दूसरे को जानते हैं और उनका आपस में उठना बैठना भी रहा है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
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हमलावर पक्ष के बुजुर्ग
से हुई थी धक्का मुक्की
सूत्रों ने बताया कि इरशाद मोहम्मद अपने दो दोस्तों के साथ कुछ दिन पहले किकरी मोड़ इलाके में गया था। यहां एक बुजुर्ग व्यक्ति के साथ उसकी बहस और धक्का मुक्की हुई थी। उसी बुजुर्ग के परिवार के कुछ लोग अपहरण और जानलेवा हमले के मामले में शामिल हैं। प्रारंभिक जांच में चिट्टे का लेन देन भी सामने आ रहा है।