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14 सालों से इसी मंदिर में महंत रहे परगट नाथ

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जम्मू। काली माता मंदिर में महंत की हत्या मामले में गुत्थी अभी अनसुलझी है। हालांकि अब भी इस मामले की जांच का प्रमुख पहलू किसी नशेड़ी के मंदिर में लूट और किसी अन्य महंत के गद्दी को लेकर विवाद के आसपास ही घूम रहा है। ऐसे में जानकारी मिली है कि मंदिर में एक बार चोरी भी हो चुकी है। महंत के कुछ माह गद्दी संभालने के बाद ही मंदिर में चोरी हुई थी। यह चोरी 2006 में हुई थी। जिसकी एफआईआर भी दर्ज कराई गई।
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उधर, सोमवार को महंत की बेटी, दामाद और बेटा भी जम्मू पहुंचे। जिस जगह महंत परगट नाथ की समाधि बनाई गई, वहां वह फूट-फूट कर रोए। मृतक महंत परगट नाथ मूलरूप से उत्तर प्रदेश के बनारस के रहने वाले थे। इस समय दिल्ली में भी उनका आवास था। वह पिछले 14-15 साल से इसी मंदिर में महंत थे। पुलिस को अब तक महंत का मोबाइल भी नहीं मिला है। हालांकि इसकी सीडीआर निकलवाई गई है। डीएसपी अमित शर्मा का कहना है कि महंत के परिजनों से पुलिस पूछताछ कर रही है।
बता दें कि तीन दिन पहले अखनूर रोड पर तोफ पुल स्थित काली माता मंदिर के महंत परगट नाथ की हत्या कर दी गई थी। पुलिस मंदिर में आने वाले साधु संतों और उनके चेलों से भी पूछताछ कर रही है। हालांकि पुलिस को अभी इस मामले में जांच के कोई खास सबूत नहीं मिले हैं।
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