श्रीनगर। कोरोना महामारी से अनाथ हुए बच्चों की खरीद-फरोख्त मामले में प्रशासनिक टीमें तमाम अनाथालय, ट्रस्ट, बाल आश्रम और एनजीओ के दफ्तर खंगाल रही हैं। पिछले कुछ दिनों में कश्मीर घाटी में कई दफ्तरों का रिकॉर्ड जांचा गया है। प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया कि बच्चों को बेचने जैसी घटना न तो बर्दाश्त के काबिल है और ना ही इससे जुड़े लोगाें को बख्शा जाएगा। भविष्य में इस तरह का कोई मामला न हो, इसके लिए प्रशासनिक टीमें ऐसे तमाम दफ्तर और संस्थाओं का रिकॉर्ड खंगाल रही हैं, जिनका संबंध बाल कल्याण से जुड़ा है।
पुलिस ने दो दिसंबर को दो लोगाें को गिरफ्तार कर एक एनजीओ के दफ्तर को सील कर दिया था। इस मामले में पांपोर पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। इसे लेकर समाज कल्याण विभाग की सचिव शीतल नंदा ने आईजीपी कश्मीर को कानूनी कार्रवाई के लिए लिखा था। इस मामले में मुख्य सचिव ने जांच कमेटी बनाकर मामले की गहन जांच के आदेश दिए थे, जिसके बाद से समाज कल्याण विभाग और पुलिस समेत प्रशासनिक अधिकारियों की टीमें छानबीन कर रही हैं। इस मामले में अनाथ बच्चों को 75 हजार से 1.75 लाख रुपये में बेचने की कोशिश की जा रही थी।