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भूमि हथियाने के केस में इंस्पेक्टर पर एफआईआर की स्टेटस रिपोर्ट तलब

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जम्मू। विजयपुर के राया क्षेत्र में निजी संपत्ति से तोड़फोड़ और जमीन पर जबरन अवैध कब्जे के मामले में दर्ज एफआईआर की हाईकोर्ट ने जांच की स्टेटस रिपोर्ट तलब की है। बहुचर्चित मामले में मुख्य आरोपी पुलिस विभाग के इंस्पेक्टर और हेड कांस्टेबल शामिल हैं। याची पक्ष ने कोर्ट में कहा कि पहले पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया। कोर्ट के निर्देश पर एफआईआर दर्ज हुई तो अब महीनाें से टालमटोल किया जा रहा है। आरोपी इंस्पेक्टर को मामला दर्ज होने के बावजूद पदोन्नति दे दी गई है। इस दलील पर हाईकोर्ट न्यायाधीश सिंधु शर्मा ने एसएसपी सांबा व थाना प्रभारी को अगली तारीख तक स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने के निर्देश दिए। साथ ही गृह विभाग के प्रमुख सचिव, पुलिस महानिदेशक समेत अन्य संबंधित अफसरों को नोटिस जारी कर चार हफ्तों में जवाब मांगा है।
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याची पक्ष के अधिवक्ता ने कहा कि मुख्य आरोपी इंस्पेक्टर अजय सिंह पूर्व उप उपमुख्यमंत्री डॉ. निर्मल सिंह के रिश्तेदार हैं। जिला पुलिस लाइन में तैनाती के दौरान इंस्पेक्टर अजय सिंह ने हेड कांस्टेबल राजिंदर सिंह के साथ मिलकर मुवक्किल के राया स्थित प्लॉट का गेट तोड़ा और जबरन अवैध कब्जा कर लिया। मुवक्किल रणजीत सिंह पुत्र लहर सिंह निवासी राया वियजपुर शिक्षा विभाग से मास्टर पद से सेवानिवृत्त हैं। राया में उनके 15 कनाल 5 मरला प्लॉट में जो जबरदस्ती की गई, उसके फोटो और वीडियो भी मौजूद हैं। आरोपी इंस्पेक्टर इस समय में जीआरपी जम्मू में जबकि हेड कांस्टेबल पुलिस लाइन कठुआ में तैनात है। आरोपी अपने रसूख का फायदा उठा रहे हैं। पहले एफआईआर दर्ज नहीं होने दी गई। महीनों बाद कोर्ट आदेश पर एफआईआर दर्ज की गई, लेकिन अब कार्रवाई नहीं की जा रही है। कोर्ट में याची पक्ष ने कहा कि सारे सुबूत कैमरे में कैद हैं। पुलिस ने अभी तक कोई कदम नहीं उठाया है। आरोपी इंस्पेक्टर को पदोन्नति दे दी गई है, जिससे उन्हें पुलिस विभाग से अब न्याय की उम्मीद नहीं है। जेएनएफ
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