जम्मू। माता वैष्णो देवी के दरबार में आई एक महिला श्रद्धालु से छेड़छाड़ के आरोपी सहायक एग्जीक्यूटिव इंजीनियर सुनित महाजन की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी गई है। सुनित ने रियासी जिला कोर्ट में अर्जी दायर की थी। जिला जज आरएन वातल ने कहा कि आरोपी ने एक ऐसे स्थान को अपवित्र किया है, जहां पूरे विश्व से श्रद्धालु आकर शीष झुकाते हैं। आरोपी ने एक युवा महिला श्रद्धालु के साथ छेड़छाड़ की है। लिहाजा इसमें अग्रिम जमानत में रियायत नहीं दी जा सकती। जमानत के लिए याचिकाकर्ता के पक्ष में कोई भी रियायत अपमानजनक होगी और इस प्रतिष्ठित संस्थान में एक आम आदमी को विशेष रूप से माता वैष्णो देवी के भक्तों के विश्वास को ठेस पहुंचेगी। सुनित महाजन कटड़ा माता वैष्णो देवी के भवन में बतौर एईई तैनात हैं।
जानकारी के अनुसार 20 सितंबर को पंचकूला की एक महिला श्रद्धालु ने पुलिस के पास शिकायत दर्ज कराई थी। बताया कि आरोपी ने उसे फोन करके कहा कि वह कटड़ा में न रुके और सीधा उसके पास भवन में आए, क्योंकि वह वहां पर एईई है। श्रद्धालु पहुंची और आरोपी ने उसे अपने कमरे में ठहराया। दर्शन करने के बाद उसके साथ छेड़छाड़ की। इसके बाद पीड़ित ने पुलिस के पास इसकी शिकायत दर्ज कराई। जज ने कहा कि आरोपी उन अपराधों में शामिल है जो महिलाओं के खिलाफ हैं। हाल के दिनों में हमने महिलाओं के खिलाफ अपराधों में भारी वृद्धि देखी है। महिलाएं घर से बाहर जाने को कतराती हैं। यदि जमानत में कोई भी रियायत दी गई तो इससे महिलाओं के खिलाफ इस तरह के अपराध बढ़ेंगे ही। जेएनएफ
फर्जी नियुक्ति मामले में जमानत अर्जी खारिज
जम्मू। श्रीनगर जिला कोर्ट के अतिरिक्त जज मसरत रूही ने फर्जी नियुक्ति मामले में आरोपी अब्दुल मजीद डार की जमानत अर्जी को खारिज कर दिया। उत्तर रेलवे में फर्जी नियुक्ति पत्र देने के मामले में आरोपी ने लाखों रुपये का घोटाला किया है। कोर्ट ने जमानत अर्जी को खारिज करते हुए कहा कि आरोपी ने उत्तर रेलवे में सरकारी नौकरी दिलाने के बहाने युवाओं को ठगा है और बाद में उन्हें फर्जी नियुक्ति आदेश दिए। आरोपी ने बेरोजगार युवकों से बेइमानी और धोखे से बड़ी मात्रा में पैसा लिया है। पीड़ितों को विभिन्न बैंकों के नाम से फर्जी नियुक्ति पत्र और चेक दिए गए हैं। आरोपी द्वारा किया गया अपराध न केवल गंभीर है बल्कि समाज की नैतिकता के खिलाफ है। लिहाजा जमानत अर्जी को खारिज किया जा रहा है। जेएनएफ