जम्मू-कश्मीर सरकार ने हाईकोर्ट को किया सूचित, लद्दाख ने दो माह का समय मांगा है। जम्मू-कश्मीर सरकार की ओर से वरिष्ठ अतिरिक्त महाधिवक्ता बीए डार ने अदालत को बताया कि जम्मू-कश्मीर के जेल मैनुअल को संशोधित किया गया है और यह अगली तारीख को न्यायालय के समक्ष रखा जाएगा।
जम्मू-कश्मीर सरकार ने जम्मू-कश्मीर व लद्दाख उच्च न्यायालय को सूचित किया कि जम्मू-कश्मीर के जेल नियमावली को संशोधित कर दिया गया है और इसे अगली सुुनवाई पर 23 दिसंबर को कोर्ट के समक्ष पेश किया जाएगा। दूसरी ओर लद्दाख की ओर से पेश हुए एएसजीआई टीएम शम्सी ने कहा कि उनकी स्थिति रिपोर्ट पहले से ही रिकॉर्ड में है और लद्दाख में जेल मैनुअल संशोधन और अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में है।
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उन्होंने कोर्ट के समक्ष लद्दाख के संशोधित जेल मैनुअल के मसौदे को पेश करने के लिए दो महीने का समय मांगा। खंडपीठ ने इसे मंजूर कर लिया। एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश पंकज मित्तल और न्यायमूर्ति विनोद चटर्जी कौल की खंडपीठ ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि आज तक जेल मैनुअल संशोधित करने के संबंध में कुछ भी रिकॉर्ड में नहीं लाया गया।
यह जनहित याचिका जेल नियमावली में संशोधन और इसे तिहाड़ जेल के जेल नियमावली के अनुरूप लाने से संबंधित है। जम्मू-कश्मीर सरकार की ओर से वरिष्ठ अतिरिक्त महाधिवक्ता बीए डार ने अदालत को बताया कि जम्मू-कश्मीर के जेल मैनुअल को संशोधित किया गया है और यह अगली तारीख को न्यायालय के समक्ष रखा जाएगा। खंडपीठ जम्मू-कश्मीर की जेलों में बंद संशोधित जेल नियमावली के तहत कैदियों के अधिकारों की रक्षा के लिए निर्देश देने की मांग वाली जनहित याचिका पर स्वयं सुनवाई कर रही थी।