- नगरपालिका और राजस्व विभाग को मंगलवार तक आपत्तियां दर्ज करने का दिया समय
संवाद न्यूज एजेंसी
अखनूर। अखनूर में विवादित तालाब के मामले की शनिवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) जम्मू की अदालत में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान वक्फ बोर्ड ने आरोप लगाया कि नगरपालिका वक्फ बोर्ड की भूमि पर हस्तक्षेप कर रही है। वक्फ बोर्ड की ओर से अदालत से मांग की गई कि उक्त स्थान पर निर्माण कार्य पर तत्काल रोक का आदेश जारी किया जाए लेकिन स्टे ऑर्डर नहीं मिला।
नगर पालिका अखनूर ने अदालत में अपनी आपत्तियां दर्ज करने के लिए समय मांगा। मामले में राजस्व विभाग की तरफ से शनिवार को कोई भी अधिवक्ता अदालत में उपस्थित नहीं हुआ। सभी पक्षों को सुनने के बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने नगर पालिका सहित अन्य के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई है उन्हें मंगलवार तक आपत्तियां दाखिल करने का समय दिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि फिलहाल वक्फ बोर्ड को किसी भी प्रकार का स्टे आदेश नहीं दिया गया है।
उधर, अदालत में सुनवाई के साथ-साथ शनिवार को अखनूर कस्बे और आसपास की पंचायतों में विभिन्न सामाजिक व धार्मिक संगठनों की अलग-अलग बैठकें होती रहीं। स्थानीय लोगों में गणेश शर्मा, रामपाल, शमशेर, यशपाल शर्मा, गौरव शर्मा आदि ने एक स्वर में कहा कि विवादित स्थल पर मौजूदा स्थिति में भी स्पष्ट रूप से तालाब मौजूद है। ऐसे में यहां केवल तालाब का ही निर्माण किया जाना चाहिए।
लोगों का कहना है कि यह स्थल वर्षों से तालाब के रूप में जाना जाता रहा है और मौके की स्थिति देखकर भी तालाब होना स्पष्ट नजर आता है। उन्होंने वक्फ बोर्ड से भी अपील की कि वह मौके पर तालाब निर्माण की प्रक्रिया में बाधा न डाले और जनहित को प्राथमिकता दे।
फिलहाल शनिवार को भी तालाब निर्माण कार्य पूरी तरह से बंद रहा। मामले को लेकर अखनूर कस्बे और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार नजर रखी जा रही है। स्थानीय लोगों की प्रमुख मांग है कि विवाद का शीघ्र समाधान निकालते हुए इस स्थान पर तालाब का कार्य दोबारा शुरू किया जाए, ताकि जनता को इसका लाभ मिल सके।