जम्मू। जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट ने कहा है कि सरकार को मुबारक मंडी शाही डोगरा पैलेस के संरक्षण कार्य का पूरा रोड मैप हलफनामे के साथ कोर्ट को बताना होगा। इसके लिए सरकार को एक माह का समय दिया जाता है।
हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश पंकज मित्थल और न्यायाधीश रजनीश ओसवाल की खंडपीठ ने कहा कि सरकार बताए पैलेस के संरक्षण पर कितनी राशि खर्च होगी और कितने समय में यह संरक्षण कार्य पूरा हो जाएगा। खंडपीठ ने यह आदेश ठाकुर चतर सिंह की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई के बाद जारी किए। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पाया कि मुबारक मंडी शाही डोगरा पैलेस जम्मू ऐतिहासिक विरासत स्थल है। इसके संरक्षण और संबंधित रिकॉर्ड को डिजिटाइज करने के लिए कार्य दिया गया है। कोर्ट ने पाया कि इस परियोजना के लिए सरकार की ओर से 84 करोड़ के लगभग राशि दी गई है, लेकिन काम की रफ्तार खासी धीमी प्रतीत हो रही है। कोर्ट ने सरकार का पक्ष सुनने के बाद कहा कि इस परियोजना से जुड़े विभागों को बेहतर समन्वय के साथ कार्य करने की जरूरत है। इसे लेकर सरकार की ओर से हलफनामे के साथ एक माह में रिपोर्ट कोर्ट को सौंपनी होगी। जेएनएफ