जम्मू। जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख हाईकोर्ट ने सहकारी बैंक लिमिटेड के पूर्व अध्यक्ष मोहम्मद शफी डार, रिवर झेलम सहकारी गृह निर्माण सोसायटी के अध्यक्ष हिलाल अहमद मीर और अब्दुल हामिद हजाम के खिलाफ 250 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले को खारिज कर दिया। न्यायाधीश जावेद इकबाल वानी ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद पाया कि पैसा मालिकों के खाते में सीधे तौर पर ट्रांसफर किया गया। याचिकाकर्ताओं के पास कभी भी उक्त धन का कब्जा या नियंत्रण नहीं था, जिसे कथित तौर पर लूटा गया था।
जैसा कि पहले बताया गया है कि मनी-लॉन्ड्रिंग का मामला बनाने के लिए यह जरूरी है कि पहले व्यक्ति के पास अपराध की आय हो और फिर उसे बेदाग संपत्ति के रूप में पेश करने के लिए कोई गतिविधि हो, जो कि तत्काल मामले में गायब है। वर्तमान मामले में याचिकाकर्ताओं के पक्ष में अपराध की आय तभी उत्पन्न होती, जब याचिकाकर्ताओं ने कॉलोनी में भूखंडों का विकास किया होता। इस प्रक्रिया में लाभ कमाने के लिए उन्हें बेचा होता। उक्त परिस्थितियों में याचिकाकर्ताओं के खिलाफ धन शोधन का मामला बनाने के उद्देश्य से भूमि मालिकों के खातों में उक्त धनराशि को दर्ज करना न केवल कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग है, बल्कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों का उल्लंघन करने का प्रयास भी है। लिहाजा ये मामला खारिज किया जाता है। जेएनएफ