अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख हाईकोर्ट ने कहा है कि केवल केंद्र सरकार की ओर से स्थापित श्रम न्यायालय या औद्योगिक न्यायाधिकरण को ही जेके बैंक व उसके कर्मियों के बीच औद्योगिक विवाद का निपटारा करने का अधिकार होगा।
न्यायमूर्ति राजेश ओसवाल की पीठ ने कहा कि हालांकि केंद्र सरकार विवाद को प्रदेश सरकार द्वारा स्थापित श्रम कोर्ट या औद्योगिक न्यायाधिकरण को भेज सकती है। उस स्थिति में ही प्रदेश सरकार द्वारा स्थापित श्रम कोर्ट या औद्योगिक न्यायाधिकरण के पास ही इस पर निर्णय लेने का क्षेत्राधिकार होगा। 13 मार्च 2019 को श्रीनगर में औद्योगिक न्यायाधिकरण सह श्रम न्यायालय जम्मू-कश्मीर ने जेके बैंक की आपत्ति को यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि प्रदेश सरकार बैंक के लिए उपयुक्त थी और उसके द्वारा स्थापित औद्योगिक न्यायाधिकरण या श्रम कोर्ट के पास बैंक व कर्मी के बीच विवाद का निर्णय करने का क्षेत्राधिकार होगा। बैंक ने हाईकोर्ट के समक्ष आदेश का विरोध किया था।