जम्मू। ठेकेदार से रिश्वत लेने के मामले में भाजपा पार्षद ज्योति देवी को अदालत ने 30 हजार रुपये के निजी बांड पर अंतरिम जमानत दे दी है। ज्योति देवी के पति शाम लाल को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने गिरफ्तार किया था। आरोप है कि शाम लाल ने ज्योति के कहने पर ठेकेदार से रिश्वत मांगी थी।
शुक्रवार केे एसीबी अदालत के अतिरिक्त न्यायाधीश रितेश दुबे ने मामले पर सुनवाई की। दोनों तरफ की दलीलें सुनने के बाद कहा कि इसमें कोई संदेह नहीं है कि अभियुक्तों पर रिश्वत की मांग और स्वीकृति का आरोप है। यह अत्यधिक गंभीर और असामाजिक है। जांच अधिकारी ने कहा है कि आवेदक ज्योति देवी न तो मौके पर मौजूद थी और न ही रिश्वत के पैसे स्वीकार किए। यह भी बताया गया है कि मलबा निकासी प्रमाण पत्र पर उक्त आरोपी द्वारा हस्ताक्षर नहीं किए गए हैं। यह उसके द्वारा नहीं लिखा गया था और वास्तव में स्वयं ठेकेदार द्वारा लिखा गया था, जो साक्ष्य का विषय है। इस स्तर पर टिप्पणी करने की आवश्यकता नहीं है। कोर्ट ने कहा कि अपीलकर्ता आठ दिन से हिरासत में है और इस प्रकार आईओ को उसे हिरासत में रखकर जांच करने के लिए पर्याप्त समय मिला है। आरोपी को आदतन अपराधी भी नहीं दिखाया गया है। यह ध्यान रखा है कि धारा 7 पीसी अधिनियम और 120-बी आईपीसी के तहत अपराधों में मौत की सजा या आजीवन कारावास की सजा नहीं है। इसमें सात साल सजा हो सकती है। यह भी ध्यान में रखा है कि आवेदक ज्योति एक महिला है, जिसके छोटे बच्चे हैं। माता-पिता दोनों ही हिरासत में हैं।
इन टिप्पणियों के साथ कोर्ट ने आश्वस्त किया कि आवेदक ज्योति देवी को अनिश्चित अवधि के लिए लंबित परीक्षण के लिए हिरासत में रखने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि उसे हिरासत में रखने से कोई उपयोगी उद्देश्य पूरा होने की संभावना नहीं है। इसलिए आवेदक को शर्तों के अधीन अगली तारीख तक अंतरिम जमानत दी जाती है। इसके लिए तीस हजार रुपये की राशि का एक व्यक्तिगत और एक जमानत बांड प्रस्तुत करना होगा, जिसमें विफल रहने पर वह न्यायिक हिरासत में रहेंगी। यदि वह किसी अन्य अपराध में शामिल नहीं है तो उसे छोड़ा जाए। इतना जरूर है कि जब भी जांच अधिकारी को जरूरत हो, वह पूछताछ के लिए हाजिर रहेगी। जेएनएफ