28 करोड़ की धोखाधड़ी के आरोपी गुरदीप सिंह पर हत्या और जानलेवा हमले के भी मामले चल रहे हैं। धोखाधड़ी मामले में क्राइम ब्रांच ने उसे सोमवार को कोर्ट में पेश किया, जहां से आठ दिन और पुलिस रिमांड ली गई। क्राइम ब्रांच के अलावा अन्य मामलों में पुलिस भी पूछताछ करेगी।
यह भी पढ़ेंः बुरहान वानी की तरह था लश्कर कमांडर सज्जाद हैदर का नेटवर्क, मौत से पहले शरीर पर बांधी थी आईईडी
जम्मू में छन्नी के रहने वाले गुरदीप सिंह को क्राइम ब्रांच ने चंडीगढ़ से दबोचा था। पिछले 8 सालों से गुरदीप फरार चल रहा था। उस पर हत्या और जानलेवा हमला करने के केस भी दर्ज हैं। गुरदीप को भगोड़ा घोषित किया गया था।
गुरदीप सिंह पर वर्ष 2010 में शहर के नामी व्यक्ति सुदर्शन वजीर पर गोली चलवाने का आरोप है। हालांकि इसमें वजीर बाल-बाल बच गए थे। वर्ष 1985 में गुरदीप सिंह ने बटोत में एक पुलिस कर्मी की हत्या कर दी और फरार हो गया।
यह भी पढ़ेंः दूसरे दिन माता के दरबार में 170 श्रद्धालुओं ने नवाए शीश, धुंध के कारण स्थगित रही हेलिकॉप्टर सेवा
ऐसा पहली बार हुआ है, जब एक नामी अपराधी को संबंधित पुलिस की जगह अन्य विंग ने पकड़ा हो। क्राइम ब्रांच ने गुरदीप को 28 करोड़ की ठगी मामले में पकड़ा है। वर्ष 2011 में आरोपी ने दत्ता फाइनेंस के नाम पर फाइनेंस कंपनी खोली और 100 लोगों के पैसे लेकर फरार हो गया। हालांकि बाद में पता चला कि यह कंपनी गुरदीप सिंह ने खोली हुई थी।