जम्मू। शहर में जहां-तहां सड़क किनारे पार्किंग पर हाईकोर्ट ने तत्काल रोक के निर्देश जारी कर दिए हैं। हालांकि जम्मू शहर में छह स्थानाें को इस आदेश में छूट दी गई है। इनमें सिटी स्क्वेयर माल के सामने, एलआईसी कार्यालय के सामने, महाराजा हरि सिंह पार्क, पीएचई चीफ इंजीनियर कार्यालय बीसी रोड के सामने, प्रेम नगर रोड पर जोगी गेट तक और गणपति फूड जंक्शन गांधीनगर शामिल हैं। जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट के श्रीनगर विंग में डिवीजन बेंच ने जम्मू और श्रीनगर नगर निगम को फुटपाथ को पूरी तरह से पैदल चलने के लिए अतिक्रमण से मुक्त करने के भी निर्देश दिए।
जस्टिस अली मोहम्मद मागरे और जस्टिस धीरज सिंह ठाकुर की खंडपीठ ने कहा कि दोनाें निगमों को सुनिश्चित करना होगा कि लोगों के चलने के लिए बनाए गए फुटपाथ और रास्ते पूरी तरह से अतिक्रमण मुक्त हों। इन जगहों पर किसी भी तरह से कारोबारी गतिविधि न होने दी जाए। ठेका रेहड़ी पर भी सख्ती से पाबंदी लागू करें। हालांकि नगर निगम की ओर से अधिसूचित स्थान पर छूट रहेगी। जेएनएफ
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आदेश पर अमल नहीं, डीसी श्रीनगर तलब
ट्रैफिक प्रबंधन व पार्किंग संबंधी मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पाया कि श्रीनगर जिला उपायुक्त ने कोर्ट के आदेश पर अमल नहीं किया है। उन्हें पार्किंग स्थलों पर वाहन खड़े होने के समय को दर्ज करने के लिए 50 डिजिटल टाइम रिकॉर्डिंग मशीनें खरीदने की व्यवस्था पर कदम उठाने को कहा गया था। सुनवाई में इस पर कोई जवाब नहीं आया है। लिहाजा अगली तारीख को डीसी श्रीनगर खुद पेश होकर कारण स्थिति स्पष्ट करें।
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पार्किंग स्पेस सर्टिफिकेट पर केंद्र को बनाया पक्ष
कोर्ट ने पिछली सुनवाई में नए वाहनों के पंजीकरण में पार्किंग स्पेस सर्टिफिकेट को अनिवार्य बनाने संबंधी व्यवस्था पर जोर दिया था। इस पर परिवहन विभाग से सरकार के प्रधान सचिव ने कहा कि ऐसा कोई भी फैसला लेना केंद्र का अधिकार क्षेत्र है। इस पर कोर्ट ने कहा कि भूतल परिवहन मंत्रालय के केंद्रीय सचिव को मामले में एक पक्ष बनाया जाता है।