सॉफ्ट ड्रिंक की बोतलों में गंदगी मिलने पर मोहम्मद शहबाज की शिकायत का संज्ञान लेते हुए अदालत ने जय बीवरेजेस पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश शहजाद अजीम ने कहा कि मामले में जय बीवरेजेस गैर कानूनी रूप से व्यापार करने के लिए जिम्मेदार पाए गए हैं।
इस मामले में याचिका शुल्क के एवज में 5 हजार रुपये का जुर्माना निर्धारित किया जाता है, जबकि दोषी पर कुल एक लाख रुपये का जुर्माना किया जाता है। इसमें से 10 हजार याची को दिए जाएं और शेष 90 हजार रुपये जम्मू एंड कश्मीर हाईकोर्ट लीगल सर्विसेज अथारिटी को जमा करवाए जाएं।
आदेश के दौरान अदालत ने कहा कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट, 1987 का मकसद हानिकारक वस्तुओं की बिक्री रोकने सहित उपभोक्ता अधिकाराें को संरक्षित करना है। मामले में बचाव पक्ष ने हालांकि की दलील दी कि शिकायतकर्ता ने माउंटेन ड्यू, पेप्सी और मिरिंडा सॉफ्टड्रिंक की बोतलें तो खरीदीं, लेकिन उसमें गंदगी दिखाई देने पर उसने उसका सेवन नहीं किया।
अदालत ने कहा कि साफ्ट ड्रिंक सेवन का प्रचलन बच्चों से लेकर युवाओं और अन्य आयु वर्ग में खासा अधिक है। जब बोतलों में गंदगी साफ दिखाई दे रही है और फिर भी इसकी बिक्री की जा रही है तो अनुमान लगाया जा सकता है कि इसके निर्माण करने वाली एजेंसी गुणवत्ता मानकों को किस कदर उल्लंघन करती होगी। इन तमाम परिस्थितियों को देखते हुए दोषी को रियायत नहीं दी जा सकती।