दो कंपनियों के बीच लेनदेन में विवाद के कारण चिनैनी-नाशरी टनल का काम रोक दिया गया है। इससे सैकड़ों लोग बेरोजगार हो गए हैं। करीब पांच सौ कर्मचारियों और मजदूरों को निकाल दिया गया है। हाईवे प्रोजेक्ट भी अधर में लटक गया है। मार्च 2016 में ही इस प्रोजेक्ट को पूरा करने का लक्ष्य है। पर अब इसमें देर होने की आशंका है।
दरअसल, टनल के लिए कांट्रैक्ट लेने वाली कंपनी लाइटन और इस काम को अमलीजामा पहनाने वाली कंपनी आईएसएफसी के बीच लेनदेन के मामले में विवाद बढ़ने के कारण काम बंद किया गया। बताया जा रहा है कि आईएसएफसी की करीब 900 करोड़ की देनदारी है।
जबकि काम शुरू करने के लिए कंपनी डेढ़ सौ करोड़ रुपये की मांग कर रही है। इसको लाइटन फिलहाल नहीं मान रही है। इस टनल के तैयार हो जाने से चिनैनी से रामबन के बीच घाटी जाने वाली सड़क मार्ग का रास्ता 41 किलोमीटर कम हो जाएगा।
सूत्रों के अनुसार इस विवाद के कारण ही जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर फोरलेन का काम भी अटक गया है। नाशरी टनल की लंबाई 9.2 किलोमीटर है। इसमें पेट्रोल पंप, खाने की सुविधा, रेस्तरां आदि भी होंगे। इस प्रोजेक्ट पर 2519 करोड़ रुपये खर्च किए जाने हैं। नेशनल हाईवे अथारिटी सितंबर 2014 तक 1772 करोड़ रुपये खर्च कर भी चुकी है।