मौकापरस्त, भ्रष्ट और पारंपरिक राजनीतिज्ञ जन समस्या का कहल करने में कितने सक्षम हैं.. विषय पर आज एक सेमीनार आयोजित किया गया। यह सेमीनार जेएंडके मूवमेंट फार पीस, इक्वैलटी, एंड जस्टिस द्वारा आयोजित करवाया गया।
सेमीनार में बोलते हुये मूवमेंट के सदस्यों ने कहा कि बड़ी हैरानगी की बात है कि देश के पारंपरिक नेता जन समस्याओं का हल करने की बातें तो करते हैं लेकिन समस्याओं को हल करने की तरफ ध्यान नहीं दिया जाता। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के कारण राज्य के खजाने खाली हो गये हैं।
राजनीतिक पार्टियां एक बार फिर से नारे लगा रही हैं कि जन समस्याओं का हल करने के लिये वे काम करेंगी लेकिन ऐसा लगता है कि अब आम आदमी भी इन सब खोखले नारों और वादों को पचा नहीं पा रहा है।
प्रवक्ताओं ने सेमीनार में जीपन, सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक पहलूओं पर खुलकर विचार रखे। साफ सुथरी राजनीति पर सबके विचार खुलकर उभरे। मौजूदा समस्याओं के लिये सभी ने पूर्ववर्ती सरकारों और नेताओं को जिम्मेदार ठहराया। इस मौके पर दीप सिंह, उदय चंद, डा जी एस चाढ़क, डा संदीप चिब और राम कुमार शर्मा ने अपने विचार रखे।