सीमावर्ती गांव अब्दुल्लिया में भी स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं हैं। यहां भी कोई कैंप लगाकर टेस्ट नहीं किए गए। गांव के आसपास ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है, जिससे मरीज को तुरंत प्राथमिक उपचार मिल सके। गांव की सरपंच नीलम देवी ने बताया कि गांव के लोग नियमों का पालन कर रहे हैं। हालांकि, उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग को यहां टेस्ट करने की जरूरत है।
डिवकॉम के दौरे पर भी किया गया था आग्रह
पंचायत के सरपंच विन्नी शर्मा ने बताया कि डिवकाम जम्मू जब आरएस दौरे पर आए थे। इस दौरान उनसे गांव में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की गुहार लगाई थी, लेकिन इस ओर ध्यान नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि सख्ती न होने के कारण संक्रमित गांव में घूमते नजर आते हैं। प्रशासन को चाहिए था कि जिन परिवारों के लोगों की कोरोना के चलते जान गई है, उनके घरों को सैनिटाइज कराया जाता। लेकिन, प्रशासन ने लीपापोती के अलावा कुछ नहीं किया। वीडीसी आरएस पुरा चेयरमैन तरसेम लाल शर्मा ने कहा कि गांव वडियाल ब्राह्मणा काफी बड़ा है। स्वास्थ्य विभाग की टीम को घर-घर जाकर लोगों के स्वास्थ्य की जांच करनी चाहिए। लेकिन, ऐसा नहीं किया जा रहा।
एसडीएम आरएस पुरा ने कहा कि गांव में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं और वहां हर रोज लोगों को वैक्सीन लगाई जा रही है। ग्रामीण विकास की ओर से पंचायतों में सैनिटाइजेशन कराए जाने का निर्देश भी जारी हुआ है।