मां की मौत के बाद जो राशन था वह भी खत्म हो गया है। कुछ लोग मदद कर रहे हैं, लेकिन हम दोनों बहन-भाई का क्या होगा। कुछ समझ में नहीं आ रहा है। न कोई रास्ता दिख रहा है और न ही कोई सहारा है। अब हम सिर्फ भगवान भरोसे ही हैं। रियासी के निवासी 13 वर्षीय किशोरी रावी (काल्पनिक नाम) ने आपबीती सुनाते हुए सरकार एवं प्रशासन से सुध लेने की गुहार लगाई है।
गौरतलब रहे कि 13 वर्षीय किशोरी और 10 वर्षीय अनुज (काल्पनिक नाम) के पिता जयसिंह की तीन साल पहले बीमारी के चलते मौत हो गई थी। वहीं, कुछ दिन पहले लॉकडाउन में इलाज नहीं करवा पाने के कारण मां ज्योति देवी भी दुनिया से रुखस्त हो गई। कुछ दिन से उनकी बुआ यहां आ कर बच्चों की देखभाल कर रही हैं, लेकिन उनके घर लौटते ही बच्चे बेसहारा हो जाएंगे।
यह भी पढ़ें- जम्मू-कश्मीर: भरस रहा कोरोना का कहर, लॉकडाउन में थाली से गायब हुईं ताजा सब्जियां