पंडितगाम किश्तवाड़ निवासी पूनम ने इस कठिन परिस्थिति में सामने आने वाली कठिनाइयों के बारे में कहा कि 8 मई 2021 को उन्हें गले में खराश और ठंड महसूस हुई। उन्होंने कहा, मैंने अपने पति से इस बारे में बात की और हम दोनों ने अपने गांव पंडितगाम में कोरोना परीक्षण कराने का फैसला किया। मैं संक्रमित पाई गई और मेरे पति सुरक्षित थे। हमने तुरंत डॉक्टर से परामर्श लिया और सावधानी के तौर पर खुद को आइसोलेट कर लिया। दुर्भाग्य से अगले दिन मेरे एक बच्चे (पांच वर्ष) को बुखार, उल्टी हुई और उसकी नाड़ी की गति तेज होने लगी। मेरे पति तुरंत उसे अस्पताल ले गए जहां परीक्षण के बाद उसे भी कोरोना संक्रमित पाया गया।