वहीं श्रीनगर के जिला उपायुक्त डॉ शाहिद इकबाल चौधरी ने बताया कि इस महामारी के चलते उनकी दिनचर्या में बहुत ज्यादा बदलाव आया है। सुबह जल्दी उठना होता है और रात का पता नहीं, कभी-कभी तो दो बज जाते हैं। दिन भर सक्रिय रहना पड़ता है। उन्होंने बताया कि वह पिछले करीब 18 दिनों से अपने घर नहीं गए और परिवार से दूर हैं। बता दें कि जिला उपायुक्त के परिवार में उनकी बीवी और छोटी बेटी है।
उन्होंने कहा कि इस महामारी के दौरान हर चीज एक चुनौती है, जिससे हम आए दिन निपटते हैं। लोगों तक राशन पहुंचाना हो या कोरोना वायरस से संक्रमित या संक्रमित रहे लोगों का पता लगाना, ऐसी कई चुनौतियां हैं। उन्होंने बताया कि 60 फीसदी से अधिक लोगों तक राशन पहुंचाया जा चुका है।
उन्होंने कहा कि जिस तरह से आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल कर कांटेक्ट ट्रेसिंग हुई है, उम्मीद है कि आने वाले दिनों में स्थिति में सुधार आ सकता है। साथ ही कहा कि अगर लोग पूरी तरह से प्रशासन का साथ दें, सरकारी आदेशों का पालन करें, अपना यात्रा इतिहास न छिपाएं, तो यह जंग हम और जल्दी जीत सकते हैं।
उधर, शाहिद चौधरी की पत्नी महक शाहिद ने एक ट्वीट में लिखा कि मेरे पति कोरोना वायरस से जंग में जुटे हुए हैं। प्रतिदिन 18 घंटे से अधिक का समय इस जंग में बिता रहे हैं। साथ ही कहते हैं कि ब्रेक-द-चेन... दूर रहकर ही एक दूसरे की मदद करें।