उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के लिए रोगी की उचित देखभाल करना ही प्राथमिकता होनी चाहिए। वहीं इन संस्थानों पर बोझ कम करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए वित्त आयुक्त ने कहा कि कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए लेवल-2 अस्पतालों को लेवल-3, जबकि लेवल-1 अस्पतालों को लेवल-2 में अपग्रेड किया जा रहा है, ताकि पीड़ितों को तत्काल प्रभाव से उपचार मिल सके। लेवल-3 अस्पतालों के पास पल्मोनोलॉजिस्ट, 24 घंटे आईसीयू टीमें, वेंटिलेटर, एनिस्थिसिया स्पोर्ट, ऑक्सीजन स्पोर्ट, वेंटिलेशन फेसिलिटी फिजिशियन और अन्य सुविधाएं हैं।
एक अन्य बैठक में वित्त आयुक्त स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा, ने सभी जिलों के उपायुक्तों को निगरानी टीमों को बढ़ाने के लिए कहा, ताकि महामारी का प्रसार रोका जा सके। उन्होंने कहा कि सभी निगरानी टीमें आबादी के आधार पर काम करें। कोरोना के प्रसार को रोकने के लिए क्लस्टर सर्विलांस, कांटेक्ट ट्रेसिंग, होम क्वारंटीन का कार्य भी व्यापक स्तर पर किया जाए। वहीं उन्होंने कहा कि हर जिले में कॉल सेंटर भी स्थापित किए जाएंगे।