जम्मू-कश्मीर में चौबीस घंटों के दौरान आने वाले कोविड मामलों में भारी गिरावट आई है लेकिन बढ़ती मौतों ने स्वास्थ्य और प्रदेश प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। तीसरी लहर में पहली बार सोमवार को चौबीस घंटे में 15 संक्रमित मरीजों की मौत हुई। इसमें जम्मू संभाग से 10 मौते हैं। इनमें अधिकांश ने कोविड टीके की दोनों खुराक ली थीं, हालांकि उन्हें अन्य शारीरिक समस्याएं थीं। कुछ दिन पहले चौबीस घंटे में 14 मौतें हुई थीं। इस बीच प्रदेश में 2550 नए संक्रमित मामले मिले। इसमें जम्मू संभाग से 974 और कश्मीर संभाग से 1576 मामले मिले हैं।
कुल संक्रमित मामलों पर मृत्युदर 1.07 फीसदी
जम्मू-कश्मीर में वर्तमान में संक्रमण दर 8.35 फीसदी है, जबकि कुल संक्रमित मामलों पर मृत्युदर 1.07 फीसदी है। जीएमसी जम्मू में पंजतीर्थी निवासी एक 45 वर्षीय व्यक्ति, संजय नगर निवासी 68 वर्षीय व्यक्ति, तालाब तिल्लो निवासी 64 वर्षीय व्यक्ति, कठुआ निवासी 43 वर्षीय व्यक्ति, आरएस पुरा मक्खन पुरा गुजरा निवासी 53 वर्षीय की मौत हुई।
जम्मू में सर्वाधिक 500 संक्रमित मामले मिले
बत्रा अस्पताल में भी एक संक्रमित मरीज की मौत हुई। जिला जम्मू में सर्वाधिक 500 संक्रमित मामले मिले। जिले में मौजूदा 4966 सक्रिय मामले हैं और इसी जिले में प्रदेश में अब तक सर्वाधिक 1205 लोगों की कोविड से मौत हो चुकी है।
श्रीनगर में 391, बारामुला में 210, बडगाम में 172 केस मिले
उधमपुर में 120, राजोरी में 53, डोडा में 90, कठुआ में 11, सांबा में 14, किश्तवाड़ में 107, पुंछ में 21, रामबन में 32 और रियासी में 26 मामले मिले। श्रीनगर में 391, बारामुला में 210, बडगाम में 172, कुपवाड़ा में 225, अनंतनाग में 138, बांदीपोरा में 171 और कुलगाम में 140 संक्रमित मामले मिले। वर्तमान में प्रदेश में 36372 सक्रिय मामले हैं।
6433 मरीज स्वस्थ हुए
सोमवार को एक ही दिन में 6433 संक्रमित मरीज रिकवर भी हुए हैं। इनमें जम्मू संभाग से 1853 और कश्मीर संभाग से 4580 मरीज हैं। प्रदेश में 62,886 कोविड परीक्षण किए गए। प्रदेश के लेवल 1 और 2 अस्पतालों में 5038 कोविड समर्पित बिस्तरों पर 10.32 फीसदी के हिसाब से 520 मरीज भर्ती हैं।
टीके को नजरअंदाज करना घातक
कोविड टीके की खुराक से परहेज करने वाले लोगों की जान पर तीसरी लहर भारी पड़ने लगी है। सोमवार को जीएमसी में तालाब तिल्लो और कठुआ निवासी व्यक्ति की हुई मौत के मामले में दोनों ने कोविड टीके की कोई खुराक नहीं ली थी। जिससे संक्रमण होने पर उनकी हालत में सुधार नहीं हो पाया और उनकी मौत हो गई।