कश्मीर के बाद कोविड संक्रमण जम्मू में भी पांव पसार रहा है। शहर के गांधीनगर अस्पताल में चार सर्जन डॉक्टरों के संक्रमित मिलने के बाद ऑपरेशन टाल दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से एक सर्जन वैकल्पिक व्यवस्था में भेजा गया है, लेकिन इतने सर्जनों के संक्रमित होने से अभी आपरेशन प्रक्रिया शुरू करना मुश्किल है। इस बीच वीरवार को अस्पताल में बंद पड़े टीकाकरण केंद्र को बहाल कर दिया गया है।
अस्पताल में चार डाक्टरों और दो पैरा मेडिकल स्टाफ के संक्रमित होने के बाद सतर्कता बढ़ाई गई है। पिछले दिनों एक संक्रमित मरीज नई ओपीडी में आया था, जिसके संपर्क में आने से अस्पताल स्टाफ भी चपेट में आ रहा है। इसमें पहले एक स्टाफ नर्स, फिर ऑपरेशन थियेटर के दो सर्जन, एक नेत्र सर्जन और एक आर्थो सर्जन के साथ एक टेक्नीशियन संक्रमित हुआ है।
स्टाफ के पारिवारिक सदस्य भी संक्रमित पाए गए। इसमें ऑर्थो सर्जन की पत्नी और बेटी शामिल है। संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए सभी चिकित्सा संस्थानों को अलर्ट किया गया है। इसमें अस्पतालों में कोविड उचित व्यवहार का सख्ती से पालन करवाने को कहा गया है। मरीजों और तीमारदारों से भी कोविड एसओपी का गंभीरता से पालन करने की अपील की जा रही है।
वैकल्पिक व्यवस्था में एक सर्जन लाया गया है, लेकिन अधिक डाक्टरों के संक्रमित होने से अभी आपरेशन व्यवस्था को बहाल करने में थोड़ा समय लग सकता है। ओपीडी और अन्य दूसरे यूनिटों में कोविड से बचाव को लेकर सभी उचित व्यवस्थाएं की गई हैं। नवंबर में अब तक हुई 23 मौतों में से 17 कश्मीर की हैं। लेकिन तीन दिन से जम्मू में तीन लोगों की मौत हो चुकी है।
- डॉ. इंदिरा बुतियाल, अधीक्षक, गांधीनगर अस्पताल