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कोरोना: स्कूलों के बाद जम्मू-कश्मीर में अब कॉलेजों में भी कक्षाएं लगाने की तैयारी, आदेश जारी

Sat, 11 Sep 2021 12:55 AM IST
करिश्मा चिब न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू

सार

जम्मू-कश्मीर के स्कूलों में 10वीं और 12वीं की कक्षाएं लगाने के आदेश के बाद अब कालेज लगाने का आदेश भी जारी हो गया है। वहीं सभी स्टाफ सदस्यों और विद्यार्थियों को कोरोना वैक्सीन लगाने के बाद ही कॉलेजों में कक्षाएं लगाई जा सकेंगी।
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जीजीएम साइंस कालेज जम्मू (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जम्मू-कश्मीर के कॉलेजों में अब कक्षाएं लगाई जा सकेंगी। प्रदेश कार्यकारी कमेटी की ओर से हिदायत के बाद उच्च शिक्षा सचिव ने आदेश जारी किया है। अभी तक कॉलेज विद्यार्थियों की कक्षाएं ऑनलाइन माध्यम से भी लगाई जा रही हैं।

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शुक्रवार को उच्च शिक्षा विभाग की सचिव सुषमा चौहान ने आदेश जारी कर दिया। इसमें कहा गया है कि सभी स्टाफ सदस्यों और विद्यार्थियों को कोरोना वैक्सीन लगाने के बाद ही कॉलेजों में कक्षाएं लगाई जा सकेंगे। कक्षाएं लगाने के दौरान कोरोना महामारी रोकथाम से जुड़े दिशा निर्देशों का सख्ती से पालन करना होगा।

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बता दें कि इससे पहले जम्मू-कश्मीर में दसवीं और बारहवीं के विद्यार्थियों के लिए सशर्त स्कूलों को खोलने की सरकार ने मंजूरी प्रदान की गई थी। इन शर्तों में अभिभावकों की सहमति के अलावा टीकाकरण या कोरोना टेस्ट करवाना होगा। इंजीनियरिंग, नीट और सिविल सेवाओं की कोचिंग वाले केंद्रों को भी खोलने की मंजूरी भी सशर्त दी गई।

मुख्य सचिव डॉ अरुण कुमार मेहता की अध्यक्षता वाली आपदा प्रबंधन विभाग की राज्य कार्यकारी कमेटी ने इस बारे में नई निर्देशावली को जारी किए थे। आदेश में कोरोना उपयुक्त व्यवहार के सुनिश्चित होने और जिला उपायुक्त की मंजूरी से दसवीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए स्कूल खोले गए।

अभिभावकों की सहमति और आरटीपीसीआर या आरएटी टेस्ट करवाने के बाद 50 फीसदी बच्चों को कक्षा में पढ़ाई करने दी जाएगी। बारहवीं कक्षा के विद्यार्थियों की उपस्थिति भी 50 फीसदी ही होगी। शत प्रतिशत टीकाकरण करवा चुके 12वीं के विद्यार्थी अभिभावकों की मंजूरी से स्कूल आ सकेंगे। टीका लगवा चुके स्टाफ के सदस्य उन्हें पढ़ाई करवाएंगे।
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अगर किसी शिक्षक या विद्यार्थी में बुखार, सर्दी या खांसी जैसे लक्षण पाएं जाए तो उसे स्कूल गेट के अंदर प्रवेश नहीं मिलेगा। स्कूल प्रमुख को यह सुनिश्चित करना होगा कि कोविड नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित होगा।

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