प्रदेश सरकार का दावा है कि कोरोना के प्रकोप के बावजूद 2020-21 में रिकॉर्ड 16 हजार परियोजनाएं पूरी की गई हैं। वहीं दूसरी तरफ एमए स्टेडियम में ऑल सीजन स्विमिंग पूल का निर्माण कार्य दो वर्षों से पूरा नहीं हो पाया है।
3.5 करोड़ की लागत से मौजूदा स्विमिंग पूल को विकसित कर ऑल सीजन स्विमिंग पूल के रूप में तैयार किया जाना है। 2019 से काम चल रहा है और 2021 का आठवां महीने चल रहा है, निर्माण एजेंसी स्विमिंग पूल का काम पूरा नहीं कर पाई हैं। ऑल सीजन स्विमिंग पूल 12 महीने खुल रहेगा। पहले स्विमिंग पूल सिर्फ छह महीने खुलता था, सर्दी के मौसम में तैराक अभ्यास से दूर हो जाते थे। स्पोर्ट्स काउंसिल का इंजीनियरिंग विंग इस काम को देख रहा है। 2019 में नवंबर से निर्माण कार्य शुरू और फिर 2020 मार्च में कोविड के कारण निर्माण कार्य बंद हो गया। इसके बाद सरकार ने निर्माण कार्यों को जारी रखने की अनुमित दी थी, बावजूद इसके स्विमिंग पूल का निर्माण कार्य गति नहीं पकड़ पाया। वर्तमान तक स्विमिंग पूल का 40 फीसदी काम किया जाना बाकी है। बता दें कि एमए स्टेडियम के स्विमिंग पूल में हर वर्ष 600 तैराक पंजीकृत होते हैं।
दो डेडलाइन पार कर चुका है कार्य
स्विमिंग पूल का निर्माण कार्य दो डेडलाइन पार कर चुका है। नवंबर 2020 में काम पूरा होना था, लेकिन कोविड के कारण कार्य प्रभावित हुआ, जिसके बाद मार्च 2021 इसकी डेडलाइन रखी गई, लेकिन फिर भी निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ और अब अगले वित्त वर्ष तक निर्माण कार्य पूरा करने की कवायद है। स्विमिंग पूल को ट्यूबर स्टील स्ट्रक्चर से ढका जा रहा है। पूल के चारों और लोहे के पिलर भी खड़े कर दिए हैं। अभी इस स्ट्रक्चर को ऊपर से कवर किया जाएगा। इसमें पारदर्शी टीन लगाई जाएगी।