लापता पुलिस कांस्टेबल समीर कुमार की उसके एसपीओ दोस्त ने ही कुपवाड़ा में हत्या कर शव नदी में फेंक दिया था। मध्य कश्मीर के डीआईजी गुलाम हसन भट्ट ने इसका खुलासा किया। एसपीओ एजाज अहमद ने पूछताछ में कबूल किया कि उसने कांस्टेबल की हत्या की। आरोप लगाया कि कांस्टेबल ने उसका साथ यौन शोषण किया।
डीआईजी ने बताया कि एसपीओ एजाज मृतक कांस्टेबल का दोस्त था। उसने पुलिस को बताया कि 13 मई को दोनों पहलगाम के लिए निकले। बटवारा से शाम 7 बजे शराब की तीन बोतलें खरीदीं। कांस्टेबल ने कुछ नशीली दवाएं भी खाईं। दस बजे वह लोग संगम पहुंचे और वहां पर कुछ अन्य दवाइयां भी खाई।
सुबह करीब 3 बजे वह लोग पहलगाम पहुंचे। वहां पर भी कांस्टेबल ने दवाई खाई और दोनों ने वाहन में ही रहने का निर्णय लिया। वहां पर कांस्टेबल को उसका अंकल दिलीप कुमार मिला और उन्होंने कुपवाड़ा जिला पुलिस लाइन में छोड़ दिया। कांस्टेबल के लापता होने के बाद पुलिस ने सिट का गठन किया। सिट की पूछताछ में एसपीओ ने बताया कि पहलगाम के दौरे के दौरान कांस्टेबल ने उसके साथ दुष्कर्म किया। साथ ही धमकी दी कि वह इसके बारे में सबको बता देगा।
एसपीओ ने समाज में खुद को इस इल्जाम से सुरक्षित रहने के लिए कांस्टेबल की हत्या की। 14 मई को नाके ड्यूटी से लौटते वक्त एसपीओ ने रास्ते में गाड़ी रोकी और पत्थर मारकर कांस्टेबल समीर की हत्या कर उसकी लाश को युंसू नदी में फेंक दिया। इससे पहले एसपीओ ने पुलिस को यह बयान दिया था कि कांस्टेबल को किसी लड़की से प्यार था। लड़की उससे प्यार नहीं करती थी और इससे दुखी होकर उसने नदी में छलांग लगा दी। इस मामले के सुलझ जाने के बाद अब मृतक समीर की लाश को तलाशा जा रहा है।