डॉ. कर्ण सिंह ने 5 अगस्त, 2019 के बाद प्रदेश में विकास को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में कहा, मैं कह नहीं सकता हूं कि तीन साल हो गए हैं। बहुत ऐलान हुए हैं कि बहुत काम हुआ है, लेकिन अभी तक जमीनी स्तर पर उनका पूरा असर नहीं हुआ होगा।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डॉ. कर्ण सिंह ने कहा कि प्रदेश में होने वाले आगामी चुनावों को लेकर कहा कि आम चुनाव तो सरकार ने तय करने हैं। हमारी यही मांग है कि चुनाव होने चाहिए। सभी पार्टियां चाहती हैं कि प्रदेश में चुनाव हों, क्योंकि बिना चुनाव के लोकतंत्र नहीं चलता है और परिसीमन प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है जिसके बाद यह बात सामने आ रही है कि चुनाव मार्च में हो सकते हैं।
विज्ञापन
उन्होंने यह भी कहा कि हमारी मुस्तकिल रिहाइश दिल्ली में है और मैं कश्मीर में था तो मैंने यहीं अपने मत का इस्तेमाल किया है। उन्होंने कांग्रेस पार्टी के चुनावों को लेकर कहा कि यह बड़ी अच्छी बात है क्योंकि आज तक कांग्रेस पार्टी के चुनाव हुए नहीं, बहुत पहले हुआ करते थे। उन्होंने राहुल की पदयात्रा को भी एक अच्छी बात ठहराया। गैर स्थानीय वोटर्स को लेकर उन्होंने कहा कि मुझे भी इस पर अभी स्पष्टता नही है। कुछ कहते हैं लाखों आएंगे, कुछ हजारों।
डॉ. कर्ण सिंह ने 5 अगस्त, 2019 के बाद प्रदेश में विकास को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में कहा, मैं कह नहीं सकता हूं कि तीन साल हो गए हैं। बहुत ऐलान हुए हैं कि बहुत काम हुआ है, लेकिन अभी तक जमीनी स्तर पर उनका पूरा असर नहीं हुआ होगा। कुछ वक़्त लगेगा। डॉ. करण सिंह ने कहा कि एक बात जरूर हुई है, पहली बार डल झील साफ़ हो गई और मुझे काफी ख़ुशी है इस बात की। उन्होंने कहा कि हर साल जब मैं आता था तो यह देख कर दुख होता था कि डल झील मर रही है लेकिन इस साल मैंने देखा डल साफ़ हो गई है और यह बहुत बड़ी उपलब्धि है।
विज्ञापन
किसी पार्टी में ऐसी प्रक्रिया नहीं- रसूल
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष विकार रसूल ने कहा कि दो मतदान केंद्र बनाए गए थे। एक श्रीनगर और दूसरा जम्मू में। यहां डेलीगेट्स अपने मत का प्रयोग करने के लिए पहुंचे। उन्होंने कहा कि यह लोकतंत्र की खूबसूरती है, आज तक किसी पार्टी में ऐसी प्रक्रिया (इनर डेमोक्रेसी) नहीं देखने को मिली। विकार ने कहा कि इससे पहले चुनावों में प्रस्ताव पास कर सीधे अध्यक्ष चुना जाता था और इस बार भी सभी राज्यों की सहमति से राहुल गांधी को अध्यक्ष के रूप में चुनने का प्रस्ताव पारित किया गया था लेकिन राहुल की व्यस्तता के चलते उन्होंने इस पद से इंकार कर दिया। इसके बाद दो लोगों ने फॉर्म भरे और उसके लिए चुनाव हो रहे हैं।