उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों से भाजपा के सांप्रदायिक एजेंडे के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए कहा। यह भी कहा कि आगामी चुनाव से पहले कांग्रेस कार्यकर्ता संपत्ति कर, टोल प्लाजा, स्मार्ट मीटर और बेरोजगारी जैसे मुद्दों को लेकर आम लोगों के बीच जाएं।
कार्यकारी अध्यक्ष रमन भल्ला ने कहा कि बेरोजगारी दिन-प्रतिदिन बढ़ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार नौकरियों का विज्ञापन जारी करती है और शुल्क लेकर आवेदन पत्र बेचती है। इसके बाद विभिन्न कारणों से इन नौकरियों को रद्द कर दिया जाता है।
इस प्रक्रिया में कई युवाओं की नौकरी के लिए तय उम्र सीमा निकल जाती है। ऐसे युवा भविष्य को लेकर निराश हैं। खासकर युवा निश्चित रूप से भाजपा के स्थानीय नेताओं से पूछेंगे कि उन्होंने उनके लिए क्या किया है।
जम्मू के जनादेश की अनदेखी करने के लिए भाजपा नेतृत्व की निंदा करते हुए भल्ला ने कहा कि जो सत्ता के लिए मूकदर्शक बने रहे, उन्हें अब सत्ता में रहने का अधिकार नहीं है। भाजपा नेताओं के रवैये से लोग आहत हैं लेकिन दुर्भाग्य से धर्म और जाति के नाम पर लोगों को गुमराह किया जा रहा है। ऐसी विभाजनकारी राजनीति राज्य और देश के लिए खतरनाक है।