अनुच्छेद 370 हटने के बाद कश्मीर घाटी के आतंकवाद ग्रस्त रहे इलाकों में भी निवेशक उद्योग लगाने की दिलचस्पी दिखाने लगे हैं। जिंदल स्टील जैसे बड़े औद्योगिक घराने से कश्मीर घाटी में बड़ा उद्योग लगाने का प्रस्ताव मिल चुका है, वहीं आतंकवाद के गढ़ रहे पुलवामा और शोपियां में निवेशकों ने कृषि, बागवानी, दूध प्रसंस्करण इकाईयां और सीए स्टोर खोलने में रुचि दिखाई है।
अनुच्छेद 370 हटने के बाद कश्मीर घाटी के आतंकवाद ग्रस्त रहे इलाकों में भी निवेशक उद्योग लगाने की दिलचस्पी दिखाने लगे हैं। जिंदल स्टील जैसे बड़े औद्योगिक घराने से कश्मीर घाटी में बड़ा उद्योग लगाने का प्रस्ताव मिल चुका है, वहीं आतंकवाद के गढ़ रहे पुलवामा और शोपियां में निवेशकों ने कृषि, बागवानी, दूध प्रसंस्करण इकाईयां और सीए स्टोर खोलने में रुचि दिखाई है। निवेशकों की मांग पर उद्योग विभाग इसी माह पुलवामा और शोपियां में पांच हजार कनाल जमीन का आवंटन करने जा रहा है। इसकी औपचारिकताओं को पूरा किया जा रहा है।
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प्रशासनिक सूत्रों ने बताया कि उपराज्यपाल प्रशासन व उद्योग एवं वाणिज्य विभाग की ओर से निवेशकों के लिए औपचारिक प्रक्रियाओं को सरल बनाया गया है। इसके अलावा निवेशकों को उत्पाद के लिहाज से निवेश की संभावनाओं से अवगत करवाया गया है। जम्मू-कश्मीर के पुनर्गठन और केंद्रीय औद्योगिक विकास योजना की घोषणा के बाद कश्मीर के आतंकवाद ग्रस्त रहे पुलवामा और शोपियां में औद्योगिक भूमि की मांग बढ़ी है। पुलवामा में पहले ही जिंदल स्टील समूह उद्योग लगाने की तैयारी कर रहा है।
घाटी के जीवन में बड़ा बदलाव लाएगी औद्योगिक क्रांति
कश्मीर की आबोहवा में नई औद्योगिक क्रांति से रोजगार को बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ घाटी की जीवन शैली में बड़े बदलाव की संभावना है। स्थानीय स्तर पर संबंधित औद्योगिक उत्पादों की दरें भी गिरेंगी। देशभर के निवेशक जम्मू के साथ कश्मीर में अपने उद्योगों के विस्तार की संभावनाओं पर काम कर रहे हैं। उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के पास अब तक 29 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव आ चुके हैं, जिसमें 15 हजार करोड़ के जम्मू और बाकी 14 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव कश्मीर के लिए हैं। इसके अलावा 6 हजार करोड़ रुपये के निवेश पाइपलाइन में हैं, जिन्हें 31 दिसंबर तक लाने का लक्ष्य रखा गया है, जबकि 31 मार्च 2022 तक निवेश प्रस्तावों का आंकड़ा 51 हजार करोड़ रुपये तक करने का लक्ष्य है।
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सांबा, कठुआ में 6 हजार कनाल भूमि चिह्नित
निवेशकों की मांग को पूरा करने के लिए जिला सांबा और कठुआ में राजस्व विभाग की करीब छह हजार कनाल भूमि को चिह्नित किया गया है। इसके अधिग्रहण की प्रक्रिया फाइनल स्तर पर है। इसके साथ इन जिलों में लगभग 8 हजार कनाल निजी भूमि के लिए लोगों को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
जम्मू में दो बड़े समूह खोलेंगे अस्पताल
जम्मू में दो बड़े औद्योगिक समूहों ने अस्पताल खोलने की इच्छा जताई है। इसके लिए भूमि को चिह्नित किया जा रहा है। निजी स्तर पर दो बड़े अस्पतालों के खुलने पर जम्मू-कश्मीर के लोगों को उचित इलाज के लिए दूसरे राज्यों के अस्पतालों का रुख नहीं करना पड़ेगा। जम्मू के विजयपुर में सरकारी स्तर पर एम्स का भी निर्माण हो रहा है।
देश विदेश में नई जगह बनाएगा जम्मू कश्मीर : प्रमुख सचिव
उद्योग एवं वाणिज्य विभाग जम्मू-कश्मीर के प्रमुख सचिव रंजन प्रकाश ठाकुर का कहना है कि जम्मू-कश्मीर से देश विदेश में निवेश को बढ़ावा देने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। दुबई के लिए निवेश को श्रीनगर से अंतरराष्ट्रीय उड़ान का रास्ता खोला गया है। इसी तरह निवेशकों के लिए लगभग सभी औपचारिक प्रक्रियाओं को सरल बनाया गया है। आगामी वर्षों में जम्मू-कश्मीर औद्योगिक क्षेत्र में देश विदेश में नई जगह बनाएगा।