जम्मू। सामान्य प्रशासनिक विभाग ने प्रदेश एवं जिला स्तरीय पशुजन्य रोग समितियों का गठन किया है। ये गठन वन हेल्थ मिशन के तहत किया गया है। इसका लक्ष्य पशुओं से मानव को होने वाली बीमारियों को 2030 तक खत्म करने का है। इस बीमारी में रेबीज मुख्य रूप से शामिल है। पूरे देश में इसे लेकर समितियां बनाई जा रही है।
ये समितियां अपने अपने क्षेत्र में इन बीमारियों की रोकथाम के लिए उठाए जाने वाले कदमों के उपाय बताएंगी। बीमारियों को नियंत्रित करने का उपाय बताएंगी। कहां कहां इसके लिए लेबोरेटरी बनाए जाने की जरूरत है। मौजूदा समय में ऐसी बीमारियों की स्थिति क्या है। खासकर रेबीज के क्या हाल हैं, इसके लिए उठाए जाने वाले कदमों की प्रगित क्या है, ये तमाम कार्य समिति के रहेंगे।
जारी आदेश के तहत प्रदेश स्तरीय समिति में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा के प्रशासनिक सचिव चेयरमैन बनाए गए हैं। वन विभाग के मुख्य संरक्षक, एनएचएम के मिशन निदेशक, जम्मू व कश्मीर दोनों के स्वास्थ्य, पशु पालन विभाग के निदेशक, जीएमसी श्रीनगर व जम्मू के प्रिंसिपल, ड्रग फूड कंट्रोलर, वेटरनरी साइंस के डीन, जीएमसी श्रीनगर व जम्मू के प्रिवेंटिव एंड सोशल मेडिसन के एचओडी, स्काॅस्ट जम्मू व कश्मीर के महामारी विभाग के एचओडी, एनआईवी नार्थ जोन जम्मू के निदेशक, आईडीएसपी के सर्विलांस आफिसर, पशु स्वास्थ्य के अतिरिक्त निदेशक, एनएडीआरएस के नोडल अफसर और आईडीएसपी के प्रोग्राम मैनेजर समिति के मेंबर होंगे। जिला स्तरीय कमेटी के चेयरमैन संबंधित जिले के डीसी होंगे। जीएमसी के प्रिंसिपल, वेटरनरी काॅलेज के डीन, सीएमओ, मुख्य पशुपालन अधिकारी, सामूहिक मेडिसन विभाग के एचओडी, जिला महामारी अधिकारी, जिला सर्विलांस अधिकारी, पशु रोग के नोडल अधिकारी, वन एवं पर्यावरण विभाग के प्रतिनिधि, ड्रग विभाग के प्रतिनिधि, जिला वेटर्नरी लेबोरेटरी के प्रतिनिधि और जिला आईडीएसपी नोडल अफसर इसके मेंबर होंगे। ब्यूरो